Samachar Nama
×

13 या 14 सितंबर कब स्थापित करें गणेश जी की मूर्ति? जानें सही तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

13 या 14 सितंबर कब स्थापित करें गणेश जी की मूर्ति? जानें सही तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

गणेश भक्तों के लिए गणेश चतुर्थी का त्योहार बेहद खास होता है। इस दिन घरों और पंडालों में भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित की जाती है और विधि-विधान से पूजा की जाती है। इस बार गणेश चतुर्थी की तारीख को लेकर लोगों के बीच असमंजस है कि आखिर त्योहार 13 सितंबर को है या 14 सितंबर को

हिंदू पंचांग के अनुसार, 2026 में गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को मनाई जाएगी। इसी दिन गणपति बप्पा की मूर्ति स्थापना कर पूजा-अर्चना की जाएगी।

गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त

गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की मूर्ति स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि शुभ समय में गणपति की स्थापना करने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है।

मूर्ति स्थापना के लिए स्थानीय पंचांग में दिए गए मुहूर्त को प्राथमिकता देना बेहतर माना जाता है, क्योंकि अलग-अलग शहरों में सूर्योदय और पूजा के समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।

ऐसे करें गणपति बप्पा की पूजा

गणेश चतुर्थी के दिन सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें और पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ करें। इसके बाद भगवान गणेश की प्रतिमा को चौकी पर लाल या पीले कपड़े के ऊपर स्थापित करें।

भगवान गणेश को जल, दूर्वा, फूल, रोली, अक्षत और सिंदूर अर्पित करें। इसके बाद मोदक या अपनी पसंद की मिठाई का भोग लगाएं।

पूजा के दौरान गणेश जी के मंत्रों का जाप करें और अंत में भगवान गणेश की आरती करें। परिवार के सभी सदस्यों के साथ मिलकर गणपति बप्पा का आशीर्वाद लें।

गणेश जी को क्यों चढ़ाई जाती है दूर्वा और मोदक?

भगवान गणेश की पूजा में दूर्वा और मोदक का विशेष महत्व माना जाता है। भक्त गणपति को मोदक का भोग लगाते हैं, क्योंकि इसे उनका प्रिय प्रसाद माना जाता है।

वहीं दूर्वा को भी गणेश पूजा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। मान्यता है कि भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करने से वे प्रसन्न होते हैं।

इस दिन क्या करें और क्या न करें?

गणेश चतुर्थी के दिन घर में साफ-सफाई रखें और श्रद्धा के साथ भगवान गणेश की पूजा करें। पूजा में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को स्वच्छ रखें और अपनी परंपरा के अनुसार पूजा-विधि का पालन करें।

साथ ही गणेश जी की मूर्ति स्थापित करने से पहले उसके लिए उचित स्थान और पूजा के समय की तैयारी कर लें।

गणेश चतुर्थी सिर्फ पूजा का पर्व नहीं, बल्कि भगवान गणेश के प्रति श्रद्धा और भक्ति का त्योहार भी है। इसलिए इस दिन परिवार के साथ मिलकर पूरे उत्साह और भक्ति भाव से गणपति बप्पा की आराधना करें।

Share this story

Tags