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रक्षाबंधन के बाद राखी कब उतारनी चाहिए? जानें सही तरीका, जल या मिट्टी में विसर्जन के नियम

रक्षाबंधन के बाद राखी कब उतारनी चाहिए? जानें सही तरीका, जल या मिट्टी में विसर्जन के नियम

रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और रक्षा के संकल्प का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहन भाई की कलाई पर राखी या रक्षा सूत्र बांधती है। राखी बांधने के बाद कई लोगों के मन में सवाल रहता है कि इसे कितने दिन तक कलाई पर रखना चाहिए और फिर उतारने के बाद इसका क्या करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राखी को तुरंत उतारने के बजाय कुछ समय तक कलाई पर रखना शुभ माना जाता है। हालांकि, राखी उतारने के दिन को लेकर सभी परंपराओं में एक जैसा नियम नहीं मिलता।

कितने दिन बाद उतारें राखी?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राखी को कम से कम एक दिन यानी करीब 24 घंटे तक कलाई पर रखना शुभ माना जाता है। कई परिवारों में इसे 3 से 7 दिन तक रखने की परंपरा है। वहीं कुछ लोग जन्माष्टमी तक राखी बांधे रखते हैं और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा के बाद इसे उतारते हैं। इसलिए अपने परिवार की परंपरा के अनुसार राखी उतारना उचित माना जा सकता है।

राखी को कलाई पर रखते समय उसकी साफ-सफाई का भी ध्यान रखना चाहिए। नहाते समय कोशिश करें कि राखी ज्यादा गीली न हो, ताकि धागा कमजोर होकर अचानक टूटे नहीं।

राखी उतारने का सही तरीका

राखी उतारने से पहले भगवान का स्मरण करना और मन में भाई की सुख-समृद्धि व अच्छे स्वास्थ्य की कामना करना शुभ माना जाता है। राखी को खींचकर या झटके से तोड़ने के बजाय धीरे-धीरे खोलना चाहिए।

उतारी हुई राखी को जमीन पर या इधर-उधर फेंकने के बजाय किसी साफ थाली, कपड़े या कागज पर रख दें। अगर राखी में कोई धार्मिक तस्वीर या प्रतीक लगा है, तो उसे विशेष सम्मान के साथ रखना चाहिए।

राखी को जल में विसर्जित कर सकते हैं?

प्राकृतिक सामग्री जैसे सूती या रेशमी धागे से बनी राखी को साफ बहते जल में विसर्जित करने की धार्मिक परंपरा कुछ स्थानों पर मिलती है। हालांकि आज के समय में पर्यावरण का ध्यान रखना भी जरूरी है। प्लास्टिक, थर्मोकोल, कृत्रिम सजावटी सामग्री या धातु लगी राखी को नदी, तालाब या किसी जलाशय में नहीं डालना चाहिए। ऐसी सामग्री जल प्रदूषण का कारण बन सकती है।

मिट्टी में विसर्जन भी कर सकते हैं

अगर राखी प्राकृतिक धागे से बनी है, तो उसे घर के बगीचे या किसी साफ स्थान की मिट्टी में दबाने का विकल्प भी अपनाया जा सकता है। धार्मिक मान्यता में इसे सम्मानपूर्वक विसर्जन का एक तरीका माना जाता है। पूजा सामग्री के साथ राखी को निर्माल्य के रूप में रखने की परंपरा भी कुछ परिवारों में प्रचलित है।

अगर राखी में धातु या अन्य दोबारा इस्तेमाल होने वाली सामग्री लगी है, तो उसे अलग करके सुरक्षित रखा जा सकता है। सोने या चांदी की राखी को विसर्जित करने के बजाय संभालकर रखना अधिक उचित है।

भूलकर भी कूड़े में न फेंकें

धार्मिक मान्यताओं में राखी को रक्षा सूत्र माना जाता है, इसलिए इसे सामान्य कचरे में फेंकने से बचने की सलाह दी जाती है। उतारने के बाद इसे सम्मानपूर्वक साफ स्थान पर रखें और फिर परिवार की परंपरा के अनुसार विसर्जित करें या सुरक्षित रखें।

राखी अपने आप टूट जाए तो?

अगर राखी कुछ दिनों बाद अपने आप खुल जाए या टूट जाए तो इसे अपशकुन मानकर डरने की जरूरत नहीं है। धागा कमजोर होने, पानी लगने या रोजमर्रा के काम के दौरान राखी टूट सकती है। ऐसी स्थिति में उसे सम्मानपूर्वक उठाकर साफ स्थान पर रख दें और बाद में उचित तरीके से उसका निस्तारण करें।

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