रक्षाबंधन 2026 कब है? जानिए राखी की तारीख, शुभ मुहूर्त और क्या रहेगा भद्रा का साया
हिंदू धर्म में रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र यानी राखी बांधती हैं और उनकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि व खुशहाल जीवन की कामना करती हैं। वहीं, भाई अपनी बहनों की रक्षा का संकल्प लेते हुए उन्हें उपहार देते हैं। हर साल सावन मास की पूर्णिमा तिथि को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है।
साल 2026 में भी रक्षाबंधन का पर्व विशेष उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस दिन पूजा, राखी बांधने और शुभ कार्यों के लिए मुहूर्त का विशेष ध्यान रखा जाता है।
रक्षाबंधन 2026 की तारीख
पंचांग के अनुसार, साल 2026 में रक्षाबंधन का पर्व शनिवार, 29 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन सावन पूर्णिमा का विशेष महत्व रहेगा। बहनें शुभ मुहूर्त में अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करेंगी।
राखी पर भद्रा का रहेगा प्रभाव या नहीं?
हिंदू पंचांग में रक्षाबंधन के दिन भद्रा काल का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भद्रा काल में राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता है। इसलिए बहनें भद्रा समाप्त होने के बाद ही भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं।
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, 2026 में रक्षाबंधन के दिन भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा, इसलिए बहनें पूरे दिन शुभ समय में राखी बांध सकती हैं। हालांकि, राखी बांधने के लिए अभिजीत और शुभ चौघड़िया जैसे मुहूर्त का ध्यान रखना भी लाभकारी माना जाता है।
रक्षाबंधन पूजा विधि
रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करने के बाद घर में पूजा की तैयारी की जाती है। पूजा की थाली में राखी, रोली, अक्षत, दीपक, मिठाई और नारियल रखा जाता है।
- सबसे पहले भगवान की पूजा की जाती है।
- इसके बाद बहन भाई के माथे पर तिलक लगाती है।
- भाई की आरती उतारकर उसकी कलाई पर राखी बांधती है।
- भाई बहन को उपहार देकर उसकी रक्षा का वचन देता है।
रक्षाबंधन का धार्मिक महत्व
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, राखी का संबंध सुरक्षा और प्रेम की भावना से जुड़ा हुआ है। कहा जाता है कि जब बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती है तो वह उसके जीवन में सुख, सफलता और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करती है।
रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का पर्व नहीं है, बल्कि यह परिवार में प्रेम, विश्वास और भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत करने वाला त्योहार भी माना जाता है।
राखी बांधते समय रखें इन बातों का ध्यान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, राखी हमेशा शुभ समय में बांधनी चाहिए। राखी बांधते समय भाई का मुंह पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना शुभ माना जाता है। साथ ही बहन को पूजा की थाली में अक्षत, रोली और दीपक जरूर रखना चाहिए।
रक्षाबंधन का यह पर्व रिश्तों में मिठास और अपनापन बढ़ाने का अवसर होता है। श्रद्धा और प्रेम के साथ मनाया गया यह त्योहार भाई-बहन के रिश्ते को और मजबूत बनाता है।

