Samachar Nama
×

माणिक्य पहनने से चमक उठेगी सोई किस्मत! बढ़ेगा मान-सम्मान, लेकिन ये लोग भूलकर भी न पहनें

माणिक्य पहनने से चमक उठेगी सोई किस्मत! बढ़ेगा मान-सम्मान, लेकिन ये लोग भूलकर भी न पहनें

ज्योतिष शास्त्र में रत्नों का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि ग्रहों से संबंधित रत्न धारण करने से उनके शुभ प्रभाव को मजबूत किया जा सकता है। इन्हीं प्रमुख रत्नों में माणिक्य यानी Ruby को सूर्य का रत्न माना जाता है। सूर्य को आत्मविश्वास, नेतृत्व, प्रतिष्ठा, पिता, प्रशासन और मान-सम्मान का कारक माना गया है। यही वजह है कि माणिक्य को सफलता और प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा जाता है।

मान्यता के अनुसार जिन लोगों की कुंडली में सूर्य कमजोर स्थिति में हो, उनके लिए माणिक्य लाभकारी हो सकता है। इसे धारण करने से आत्मविश्वास बढ़ने, निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होने और कार्यक्षेत्र में प्रभाव बढ़ने की मान्यता है। हालांकि माणिक्य हर किसी के लिए शुभ हो, ऐसा नहीं माना जाता। गलत व्यक्ति द्वारा इसे धारण करने पर विपरीत परिणाम मिलने की भी ज्योतिषीय मान्यता है।

किन लोगों के लिए शुभ माना जाता है माणिक्य

ज्योतिष के अनुसार सूर्य की स्थिति और लग्न को देखकर माणिक्य धारण करने की सलाह दी जाती है। विशेष रूप से जिन लोगों की कुंडली में सूर्य शुभ लेकिन कमजोर स्थिति में हो, उनके लिए यह रत्न उपयोगी माना जाता है।

माणिक्य को प्रशासन, राजनीति, सरकारी सेवा, नेतृत्व और ऐसे क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए भी लाभकारी माना जाता है, जहां पद और प्रतिष्ठा महत्वपूर्ण होती है। मान्यता है कि इसे धारण करने से व्यक्ति में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता बढ़ सकती है।

कौन लोग माणिक्य पहनने से बचें

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार जिन लोगों की कुंडली में सूर्य अशुभ स्थिति में हो या सूर्य से संबंधित ग्रहों के साथ प्रतिकूल संबंध बन रहा हो, उन्हें बिना कुंडली का विश्लेषण कराए माणिक्य नहीं पहनना चाहिए।

इसके अलावा जिन जातकों के लिए सूर्य कार्यात्मक रूप से अशुभ माना जाता है, उनके लिए भी माणिक्य पहनना उचित नहीं माना जाता। कुछ ज्योतिषीय मतों में शनि, राहु और केतु से संबंधित परिस्थितियों में भी माणिक्य धारण करने से पहले विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

इसलिए केवल राशि देखकर माणिक्य पहनना उचित नहीं माना जाता। जन्म तारीख, समय और स्थान के आधार पर कुंडली में सूर्य की स्थिति देखकर ही रत्न धारण करने का निर्णय लेना चाहिए।

माणिक्य पहनने की क्या है मान्यता

रत्न शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार माणिक्य को सोने या तांबे की अंगूठी में धारण किया जा सकता है। इसे रविवार के दिन धारण करने की परंपरा बताई जाती है। धारण करने से पहले अंगूठी को शुद्ध करके सूर्य देव की पूजा और मंत्र जाप करने की मान्यता है।

माणिक्य धारण करने वाले व्यक्ति को सूर्य देव को जल अर्पित करने और रविवार के दिन पूजा करने की सलाह भी दी जाती है।

रत्न खरीदते समय रखें ध्यान

माणिक्य खरीदते समय उसकी गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना चाहिए। बाजार में प्राकृतिक और कृत्रिम दोनों प्रकार के रत्न मिलते हैं। इसलिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के महंगा रत्न खरीदने से बचना चाहिए।

ध्यान रखें कि रत्नों से जुड़े लाभ और सावधानियां ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं। इनका वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित प्रभाव नहीं है। इसलिए माणिक्य धारण करने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी से अपनी जन्मकुंडली का विश्लेषण कराना बेहतर माना जाता है।

Share this story

Tags