रोजमर्रा की छोटी-छोटी चीजें भी ला सकती हैं Vastu Dosh, जानें वो आदतें जो घर और भाग्य पर डालती है बुरा असर
हम अक्सर अपनी ज़िंदगी की समस्याओं के लिए किस्मत, ग्रहों की स्थिति या हालातों को ज़िम्मेदार ठहराते हैं। हालांकि, शास्त्रों के अनुसार, हमारी कुछ रोज़ाना की आदतें भी वास्तु दोष पैदा कर सकती हैं और ग्रहों के प्रभाव को कमज़ोर कर सकती हैं। ये छोटी, अनजाने में की गई गलतियाँ न सिर्फ़ हमारी एनर्जी पर असर डालती हैं, बल्कि जीवन में रुकावटें, मानसिक तनाव और असफलता का कारण भी बन सकती हैं, जिससे हम चारों तरफ से वास्तु दोषों से घिर जाते हैं। आइए, इन कुछ आदतों और उनके पीछे के वास्तु और ज्योतिषीय कारणों के बारे में जानते हैं।
देर से उठना
सूरज को आत्मविश्वास, स्वास्थ्य, सम्मान और पॉजिटिव एनर्जी का कारक माना जाता है। देर तक सोने से सूरज की किरणें शरीर पर नहीं पड़तीं, जिससे सूर्य ग्रह कमज़ोर होता है। यह आत्मविश्वास की कमी, आलस और करियर में रुकावटों के रूप में सामने आता है। शास्त्र सूर्योदय से पहले या कम से कम सूर्योदय के समय उठना शुभ मानते हैं, ताकि शरीर और मन दोनों एनर्जेटिक रहें। हर इंसान की अपनी एनर्जी होती है, जो उसके कपड़ों में भी समा जाती है। जब हम दूसरे लोगों के कपड़े पहनते हैं, तो उनकी नेगेटिव या असंतुलित एनर्जी हमारे अंदर आ सकती है। इससे मानसिक अस्थिरता, चिड़चिड़ापन और भाग्य में रुकावटें आ सकती हैं। रोज़ाना के कपड़े शेयर करना वास्तु में अशुभ माना जाता है।
नाखून चबाना
नाखून चबाना सिर्फ़ एक बुरी आदत नहीं है, बल्कि यह मानसिक अशांति और नेगेटिव सोच का भी संकेत है। वास्तु और ज्योतिष के अनुसार, यह आदत इंसान की एकाग्रता और फ़ैसले लेने की क्षमता को कमज़ोर करती है। इससे जीवन में बार-बार गलत फ़ैसले लेने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है, जिसका सीधा असर भाग्य पर पड़ता है।
बिस्तर पर बैठकर खाना
बिस्तर आराम करने के लिए होता है, खाने के लिए नहीं। बिस्तर पर बैठकर खाने से राहु ग्रह पर असर पड़ता है, जिससे कन्फ्यूजन, तनाव और अचानक समस्याएं बढ़ सकती हैं। साथ ही, शास्त्र दक्षिण दिशा में खाना खाने से मना करते हैं, क्योंकि इस दिशा को यम और नेगेटिव एनर्जी से जुड़ा माना जाता है। खाना हमेशा शांत मन से, सही जगह और सही दिशा में खाना चाहिए।

