ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को कर्मफल दाता माना जाता है। मान्यता है कि शनि व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। यही वजह है कि शनि की चाल, राशि परिवर्तन और नक्षत्र परिवर्तन को ज्योतिष में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। अक्टूबर 2026 में भी शनि की स्थिति को लेकर चर्चा हो रही है। हालांकि, इस दौरान शनि का राशि परिवर्तन नहीं, बल्कि वक्री अवस्था में नक्षत्र परिवर्तन प्रमुख घटना है।
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, शनि इस समय मीन राशि में गोचर कर रहे हैं और दिसंबर 2026 में मार्गी होंगे। ऐसे में सवाल है कि किन राशियों पर साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव बना हुआ है और कुंभ राशि के जातकों को राहत कब मिल सकती है?
शनि की चाल में कब होगा बदलाव?
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, शनि 9 अक्टूबर 2026 को वक्री अवस्था में उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में वापस प्रवेश कर चुके हैं। वहीं, 11 दिसंबर 2026 के आसपास शनि के मार्गी होने की गणना की गई है। अलग-अलग पंचांग और गणना पद्धतियों के कारण समय में थोड़ा अंतर संभव है।
शनि की वक्री चाल को ज्योतिष में पुराने मामलों की समीक्षा, जिम्मेदारियों और अधूरे कार्यों पर ध्यान देने के समय के रूप में देखा जाता है। हालांकि, इन ग्रह स्थितियों से जीवन में होने वाली घटनाओं का वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित अनुमान नहीं लगाया जा सकता।
मेष, मीन और कुंभ पर साढ़ेसाती
वर्तमान ज्योतिषीय गणना के अनुसार, शनि के मीन राशि में रहने के कारण तीन चंद्र राशियों पर साढ़ेसाती चल रही है।
1. मेष राशि: मेष राशि के जातक साढ़ेसाती के पहले चरण में हैं। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि को खर्चों पर नियंत्रण रखने, जिम्मेदारियों को समझने और भविष्य की योजनाओं पर ध्यान देने से जोड़ा जाता है।
2. मीन राशि: मीन राशि के जातक साढ़ेसाती के मध्य चरण में हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं में इसे अपेक्षाकृत महत्वपूर्ण चरण माना जाता है। इस दौरान धैर्य, अनुशासन और सोच-समझकर फैसले लेने पर जोर दिया जाता है।3. कुंभ राशि: कुंभ राशि के जातक साढ़ेसाती के अंतिम चरण में हैं। इस चरण को परिवार, बचत, वाणी और आर्थिक जिम्मेदारियों से जोड़कर देखा जाता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, शनि के आगे राशि परिवर्तन करने पर इस राशि की साढ़ेसाती समाप्त होने की दिशा में बढ़ेगी।
इन दो राशियों पर चल रही है ढैय्या
सिंह राशि: सिंह राशि के जातकों पर शनि की ढैय्या चल रही है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस समय कामकाज, साझेदारी और जिम्मेदारियों से जुड़े मामलों में धैर्य रखना उपयोगी माना जाता है।धनु राशि: धनु राशि के जातकों पर भी ढैय्या का प्रभाव माना जा रहा है। पारंपरिक ज्योतिष में इसे घरेलू मामलों, संपत्ति और पारिवारिक जिम्मेदारियों से जोड़कर देखा जाता है।
कुंभ राशि को कब मिलेगी राहत?
कुंभ राशि के जातक साढ़ेसाती के अंतिम चरण में हैं। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, शनि के मेष राशि में स्थायी रूप से प्रवेश करने के बाद कुंभ राशि की साढ़ेसाती समाप्त होगी। यह बदलाव 2028 के आसपास होने का अनुमान है, हालांकि 2027 में शनि के अस्थायी राशि परिवर्तन के कारण बीच में स्थिति बदल सकती है।

