वास्तु शास्त्र में घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। मान्यता है कि यह दिशा सकारात्मक ऊर्जा, आध्यात्मिकता और शांति से जुड़ी होती है। यही वजह है कि घर बनाते समय ईशान कोण का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, इस दिशा में साफ-सफाई रखने और अनावश्यक सामान जमा नहीं करने से घर का वातावरण बेहतर बना रहता है। आइए जानते हैं कि ईशान कोण में किन चीजों को रखने से बचना चाहिए।
1. भारी सामान रखने से बचें
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के ईशान कोण में भारी अलमारी, बड़े स्टोरेज बॉक्स, लोहे की भारी वस्तुएं या अनावश्यक फर्नीचर रखने से बचना चाहिए। इस दिशा को हल्का और खुला रखने की सलाह दी जाती है। इससे घर में पर्याप्त रोशनी और हवा आने की जगह बनी रहती है।
2. कूड़ा-कचरा जमा न करें
ईशान कोण में कूड़ेदान, बेकार सामान और लंबे समय से इस्तेमाल नहीं होने वाली वस्तुएं जमा करना उचित नहीं माना जाता। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, इस दिशा में गंदगी होने से नकारात्मकता बढ़ सकती है। इसलिए नियमित रूप से सफाई करें और बेकार वस्तुओं को हटा दें।
3. टॉयलेट बनवाने से बचें
वास्तु शास्त्र में उत्तर-पूर्व दिशा में शौचालय बनवाना शुभ नहीं माना जाता। मान्यता है कि इससे घर की सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित हो सकती है। हालांकि, यदि घर में पहले से टॉयलेट बना हुआ है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। उसकी साफ-सफाई, वेंटिलेशन और उचित रखरखाव पर ध्यान दें।
4. जूते-चप्पल न रखें
घर के ईशान कोण में जूते-चप्पलों का ढेर लगाने से बचना चाहिए। वास्तु मान्यताओं के मुताबिक, इस दिशा को स्वच्छ और व्यवस्थित रखना जरूरी है। जूते-चप्पल रखने के लिए घर के प्रवेश द्वार के पास उपयुक्त स्थान निर्धारित करना बेहतर विकल्प हो सकता है।
5. टूटी-फूटी और खराब वस्तुएं हटाएं
टूटे हुए बर्तन, खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान, बंद घड़ियां और अनुपयोगी वस्तुएं ईशान कोण में जमा नहीं करनी चाहिए। ऐसी चीजें घर में अव्यवस्था बढ़ाती हैं। बेहतर होगा कि इन्हें ठीक करवाएं, दोबारा इस्तेमाल करें या उचित तरीके से हटा दें।
6. अंधेरा और सीलन न रहने दें
ईशान कोण में पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी और हवा आने देना अच्छा माना जाता है। इस जगह पर सीलन, फफूंद, गंदगी या लगातार अंधेरा रहने से बचें। इससे घर की स्वच्छता और स्वास्थ्य के लिहाज से भी लाभ मिल सकता है।
ईशान कोण में क्या रखना शुभ माना जाता है?
वास्तु मान्यताओं के अनुसार, इस दिशा में पूजा स्थल, साफ पानी का पात्र या हल्की सजावट रखी जा सकती है। यहां पौधे रखने हों, तो उनकी रोशनी और देखभाल की जरूरतों का ध्यान रखें। सबसे जरूरी है कि यह स्थान साफ-सुथरा, व्यवस्थित और पर्याप्त रोशनी वाला हो।

