Vastu Tips: घर में विंड चाइम और घंटियां लगाने से पहले जान लें ये जरूरी नियम, सही दिशा से बढ़ती है सकारात्मकता
वास्तु शास्त्र में घर के वातावरण को सकारात्मक बनाए रखने के लिए कई तरह के उपाय बताए गए हैं। इनमें विंड चाइम और छोटी घंटियों का भी विशेष महत्व माना जाता है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार इनसे निकलने वाली मधुर ध्वनि घर के वातावरण में सकारात्मकता लाती है और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में सहायक मानी जाती है। हालांकि इन मान्यताओं का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, फिर भी कई लोग इन्हें घर की सजावट और शुभता के लिए इस्तेमाल करते हैं।
विंड चाइम लगाते समय उसकी दिशा, सामग्री और छड़ों की संख्या का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।
विंड चाइम की सही दिशा कौन सी है?
वास्तु मान्यताओं के अनुसार धातु की विंड चाइम को पश्चिम, उत्तर-पश्चिम या उत्तर दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। वहीं लकड़ी की विंड चाइम को पूर्व या दक्षिण-पूर्व दिशा में लगाने की सलाह दी जाती है।
इसे ऐसी जगह लगाना चाहिए जहां हवा आसानी से आ-जा सके और चाइम की छड़ें आपस में टकराकर मधुर ध्वनि उत्पन्न कर सकें।
कितनी छड़ों वाली विंड चाइम लगाएं?
विंड चाइम में लगी छड़ों की संख्या को लेकर भी वास्तु में अलग-अलग मान्यताएं हैं। सामान्य तौर पर 5 या 6 छड़ों वाली विंड चाइम को शुभ माना जाता है। पांच छड़ों को पांच तत्वों से जोड़कर देखा जाता है, जबकि छह छड़ों को सौभाग्य और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है।
हालांकि छड़ों की संख्या को लेकर अलग-अलग वास्तु परंपराओं में मतभेद भी मिलते हैं।
मुख्य द्वार पर लगा सकते हैं घंटियां
घर के मुख्य द्वार के पास छोटी घंटियां लगाना भी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि घंटियों की मधुर आवाज घर के वातावरण में सकारात्मकता लाती है। अगर दरवाजे के खुलने या हवा चलने पर घंटी बजती है तो घर में मधुर ध्वनि बनी रहती है।
घंटी बहुत तेज आवाज वाली न हो, इसका भी ध्यान रखना चाहिए। घर में लगातार तेज आवाज आराम और शांति को प्रभावित कर सकती है।
किस सामग्री की विंड चाइम चुनें?
वास्तु मान्यताओं के अनुसार धातु की विंड चाइम को पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा के लिए उपयुक्त माना जाता है। लकड़ी की विंड चाइम को पूर्व और दक्षिण-पूर्व दिशा में लगाने की सलाह दी जाती है।
विंड चाइम खरीदते समय उसकी गुणवत्ता और सुरक्षा का भी ध्यान रखें। ऐसी चाइम न लगाएं जो टूट चुकी हो या जिसकी छड़ें खराब हो गई हों।
इन जगहों पर लगाने से बचें
विंड चाइम को ऐसी जगह लगाने से बचना चाहिए जहां वह लगातार किसी व्यक्ति के सिर से टकराए या आने-जाने में बाधा बने। इसे रसोई के अंदर, बहुत अधिक गर्मी वाली जगह या ऐसी जगह भी नहीं लगाना चाहिए जहां तेज हवा के कारण लगातार शोर हो।
बेडरूम में भी बहुत तेज आवाज करने वाली विंड चाइम लगाने से बचना बेहतर है, क्योंकि लगातार आवाज नींद और आराम को प्रभावित कर सकती है।
सही जगह और साफ-सफाई का रखें ध्यान
वास्तु मान्यताओं के अनुसार विंड चाइम और घंटियों को साफ रखना जरूरी माना जाता है। धूल से भरी या टूटी हुई विंड चाइम लगाने के बजाय उसे साफ या बदल देना बेहतर है।
वास्तु के ये उपाय धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं। घर में सकारात्मक वातावरण के लिए साफ-सफाई, पर्याप्त रोशनी, अच्छा वेंटिलेशन और शांत माहौल भी महत्वपूर्ण हैं।

