गायत्री परिवार की ओर से आयोजित चार दिवसीय 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। यज्ञ स्थल पर करीब 1500 साधकों ने वेदमंत्रों के उच्चारण के साथ यज्ञ में आहुतियां दीं। वैदिक मंत्रोच्चारण से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।कार्यक्रम के दौरान साधकों ने विधि-विधान से यज्ञ पूजन में भाग लिया और विश्व कल्याण, शांति, सद्भाव तथा मानव कल्याण की कामना की। गायत्री परिवार के सदस्यों ने बताया कि महायज्ञ का उद्देश्य लोगों में आध्यात्मिक चेतना, संस्कार और सकारात्मक विचारों का प्रसार करना है।
वेदमंत्रों से गूंजा यज्ञ परिसर
महायज्ञ के दूसरे दिन सुबह से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। यज्ञाचार्यों के मार्गदर्शन में साधकों ने गायत्री मंत्र और अन्य वैदिक मंत्रों का उच्चारण करते हुए हवन कुंडों में आहुतियां अर्पित कीं। मंत्रों की ध्वनि से पूरा यज्ञ परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।श्रद्धालुओं ने यज्ञ में शामिल होकर परिवार की सुख-शांति, अच्छे स्वास्थ्य और समाज में सकारात्मक बदलाव की प्रार्थना की। महिलाओं और युवाओं ने भी बढ़-चढ़कर कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
चार दिनों तक चलेंगे धार्मिक आयोजन
आयोजकों के अनुसार, चार दिवसीय गायत्री महायज्ञ के दौरान विभिन्न धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें यज्ञ, प्रवचन, संस्कार कार्यक्रम और जनजागरण से जुड़े आयोजन शामिल हैं। गायत्री परिवार के पदाधिकारियों ने बताया कि यज्ञ के माध्यम से लोगों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक जीवन शैली से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। महायज्ञ के सफल आयोजन के लिए बड़ी संख्या में स्वयंसेवक व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैठने, पूजा सामग्री और अन्य व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।धार्मिक मान्यता के अनुसार, यज्ञ और मंत्रोच्चारण से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसी उद्देश्य के साथ गायत्री परिवार द्वारा इस महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है।

