29 जून को दिखेगा स्ट्रॉबेरी मून, इसी दिन है पूर्णिमा; जानें क्या है इसका महत्व
जून महीने का पूर्ण चंद्रमा स्ट्रॉबेरी मून (Strawberry Moon) के नाम से जाना जाता है। इस साल 29 जून को आसमान में यह खूबसूरत नजारा देखने को मिलेगा। इसी दिन आषाढ़ पूर्णिमा भी है, जिसका हिंदू धर्म में विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस अवसर पर सुहागन महिलाएं पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए व्रत और पूजा-अर्चना करती हैं।
क्या होता है स्ट्रॉबेरी मून?
नाम से ऐसा लगता है कि इस दिन चंद्रमा का रंग स्ट्रॉबेरी की तरह लाल या गुलाबी हो जाता है, लेकिन ऐसा नहीं है। स्ट्रॉबेरी मून नाम उत्तरी अमेरिका की कुछ मूल जनजातियों द्वारा रखा गया था। यह नाम जून के महीने में स्ट्रॉबेरी की फसल पकने के समय से जुड़ा है। खगोलीय दृष्टि से यह सामान्य पूर्णिमा का चंद्रमा ही होता है, हालांकि क्षितिज के पास होने पर वातावरण के कारण इसका रंग हल्का सुनहरा, नारंगी या गुलाबी दिखाई दे सकता है।
29 जून की पूर्णिमा का धार्मिक महत्व
हिंदू पंचांग के अनुसार इस दिन आषाढ़ पूर्णिमा मनाई जाएगी। पूर्णिमा तिथि पर भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और चंद्र देव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। कई स्थानों पर श्रद्धालु पवित्र नदियों में स्नान, दान-पुण्य और पूजा-अर्चना भी करते हैं।
सुहागन महिलाएं करती हैं व्रत
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आषाढ़ पूर्णिमा के दिन कई सुहागन महिलाएं पति की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य और वैवाहिक सुख की कामना से व्रत रखती हैं। पूजा के दौरान चंद्रमा को अर्घ्य देने और परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करने की भी परंपरा है।
स्ट्रॉबेरी मून कब और कैसे देखें?
29 जून की शाम सूर्यास्त के बाद पूर्व दिशा में चंद्रमा उदय होने पर स्ट्रॉबेरी मून का नजारा देखा जा सकेगा। साफ मौसम होने पर इसे बिना किसी विशेष उपकरण के भी आसानी से देखा जा सकता है। क्षितिज के पास होने के कारण यह सामान्य से बड़ा और अधिक आकर्षक भी दिखाई दे सकता है।

