हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को अपरा एकादशी कहा जाता है। इस वर्ष यह पावन तिथि 13 मई 2026 को मनाई जा रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह एकादशी पापों का नाश करने वाली और पुण्य देने वाली मानी जाती है।
अपरा एकादशी का विशेष महत्व Ekadashi व्रत से जुड़ा है, जिसे भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु उपवास रखते हैं और विधि-विधान से पूजा करते हैं।
🙏 अपरा एकादशी का महत्व
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, अपरा एकादशी व्रत करने से व्यक्ति के पिछले जन्मों के पाप भी समाप्त हो जाते हैं। इसे “पुण्य देने वाली एकादशी” भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से जीवन में सुख, समृद्धि और शांति आती है।
भक्त इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करते हैं और दिनभर व्रत रखकर रात में जागरण करते हैं।
🕉️ पूजा विधि और परंपरा
- सुबह जल्दी स्नान कर व्रत का संकल्प लिया जाता है
- घर या मंदिर में भगवान विष्णु की पूजा की जाती है
- तुलसी पत्र, फूल, दीप और धूप से आराधना की जाती है
- “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप किया जाता है
- रात में भजन-कीर्तन और जागरण का विशेष महत्व होता है
🍃 व्रत के लाभ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अपरा एकादशी का व्रत करने से:
- पापों का नाश होता है
- जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है
- मानसिक शांति मिलती है
- मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है

