आज से शुरू हुआ मृत्यु पंचक, 11 जून तक रहेगा प्रभाव, द्विपुष्कर योग में बनेंगे शुभ कार्यों के योग
हिंदू पंचांग के अनुसार आज अधिक ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है। यह दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। आज से मृत्यु पंचक की शुरुआत हो रही है, जो 11 जून 2026 तक प्रभावी रहेगा। पंचक काल में कुछ कार्यों को करने से बचने की सलाह दी जाती है। वहीं दूसरी ओर आज द्विपुष्कर योग का शुभ संयोग भी बन रहा है, जिसे मांगलिक और आर्थिक कार्यों के लिए बेहद शुभ माना जाता है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार द्विपुष्कर योग में किए गए शुभ कार्यों का फल दोगुना प्राप्त होता है। ऐसे में निवेश, खरीदारी, पूजा-पाठ और नए कार्यों की शुरुआत के लिए यह दिन अनुकूल माना जा रहा है। आइए जानते हैं आज का पूरा पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।
आज का पंचांग (6 जून 2026)
- तिथि: शुक्ल पक्ष षष्ठी
- मास: अधिक ज्येष्ठ
- वार: शनिवार
- नक्षत्र: धनिष्ठा
- योग: वैधृति योग
- करण: तैतिल एवं गर
- चंद्र राशि: कुंभ
- सूर्य राशि: वृषभ
आज से शुरू हुआ मृत्यु पंचक
आज धनिष्ठा नक्षत्र के साथ मृत्यु पंचक का आरंभ हो रहा है। पंचक का यह चरण 11 जून तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में पंचक काल के दौरान घर निर्माण, छत डालना, दक्षिण दिशा की यात्रा, लकड़ी संग्रह और कुछ विशेष मांगलिक कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है। हालांकि आवश्यक कार्य योग्य ज्योतिषीय परामर्श के बाद किए जा सकते हैं।
द्विपुष्कर योग का शुभ संयोग
आज द्विपुष्कर योग बन रहा है, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस योग में किए गए शुभ कार्यों का फल कई गुना बढ़कर मिलता है। व्यापार आरंभ करना, धन निवेश, वाहन या संपत्ति खरीदना और धार्मिक अनुष्ठान करना लाभकारी माना जाता है।
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:55 बजे से दोपहर 12:50 बजे तक
विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:40 बजे से 3:35 बजे तक
अमृत काल
- सुबह 8:12 बजे से 9:48 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त
- शाम 7:11 बजे से 7:33 बजे तक
राहुकाल आज
- राहुकाल: सुबह 8:55 बजे से 10:37 बजे तक
राहुकाल में नए और शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए। हालांकि नियमित पूजा-पाठ और दैनिक कार्य किए जा सकते हैं।
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
- सूर्योदय: सुबह 5:24 बजे
- सूर्यास्त: शाम 7:16 बजे
चंद्रोदय और चंद्रास्त
- चंद्रोदय: सुबह 10:58 बजे
- चंद्रास्त: रात 12:32 बजे (अगले दिन)
आज का धार्मिक महत्व
अधिक मास को भगवान विष्णु की आराधना के लिए विशेष माना गया है। आज षष्ठी तिथि होने के कारण भगवान कार्तिकेय तथा श्रीहरि विष्णु की पूजा शुभ फलदायी मानी जाती है। श्रद्धालु व्रत, दान और मंत्र जाप के माध्यम से पुण्य प्राप्त कर सकते हैं। ज्योतिषीय दृष्टि से मृत्यु पंचक की शुरुआत के बावजूद द्विपुष्कर योग का संयोग दिन को विशेष बना रहा है, जिससे शुभ कार्यों के लिए अनुकूल अवसर प्राप्त हो सकते हैं।

