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Somwati Amavasya Ke Upay: सोमवती अमावस्या पर करें ये आसान उपाय, भगवान शिव की कृपा से दूर होंगी बाधाएं

Somwati Amavasya Ke Upay: सोमवती अमावस्या पर करें ये आसान उपाय, भगवान शिव की कृपा से दूर होंगी बाधाएं

हिंदू धर्म में सोमवती अमावस्या का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। जब अमावस्या तिथि सोमवार के दिन पड़ती है, तो उसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। इस दिन पितरों के तर्पण के साथ-साथ भगवान शिव की पूजा का भी विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रद्धा और विधि-विधान से की गई शिव आराधना से जीवन की परेशानियां कम होती हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

शिवलिंग पर करें जलाभिषेक

सोमवती अमावस्या के दिन सुबह स्नान के बाद भगवान शिव का जलाभिषेक करना शुभ माना जाता है। शिवलिंग पर जल, दूध और गंगाजल अर्पित करें। मान्यता है कि इससे भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।

बेलपत्र अर्पित करें

भगवान शिव को बेलपत्र अत्यंत प्रिय है। इस दिन शिवलिंग पर तीन पत्तियों वाला बेलपत्र अर्पित करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है। ध्यान रखें कि बेलपत्र साफ और खंडित न हो।

‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें

सोमवती अमावस्या पर शिव मंत्रों का जाप करना बहुत शुभ माना गया है। विशेष रूप से ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति मिलती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।

पितरों के लिए करें तर्पण

अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित मानी जाती है। इस दिन तिल और जल से पितरों का तर्पण करने से पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। धार्मिक मान्यता है कि इससे पितृ दोष के प्रभाव कम होते हैं और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।

पीपल के वृक्ष की पूजा करें

सोमवती अमावस्या पर पीपल के वृक्ष की पूजा और परिक्रमा करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि पीपल में देवी-देवताओं का वास होता है। इस दिन पीपल को जल अर्पित कर परिक्रमा करने से शुभ फल प्राप्त होता है।

दान-पुण्य अवश्य करें

इस दिन गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, फल या काले तिल का दान करना लाभकारी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दान-पुण्य करने से पितरों की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं।

घी का दीपक जलाएं

शाम के समय भगवान शिव और पितरों के निमित्त घी का दीपक जलाना शुभ माना जाता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और वातावरण पवित्र बना रहता है।

क्या है धार्मिक मान्यता?

मान्यता है कि सोमवती अमावस्या पर भगवान शिव की पूजा, पितृ तर्पण और दान-पुण्य करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। साथ ही परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।

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