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Shri Ganeshashtakam: यह है भगवान गणेश का शक्तिशाली गणेश अष्टक, श्रद्धापूर्वक पाठ करने से प्रसन्न होते हैं विघ्नहर्ता

Shri Ganeshashtakam: यह है भगवान गणेश का शक्तिशाली गणेश अष्टक, श्रद्धापूर्वक पाठ करने से प्रसन्न होते हैं विघ्नहर्ता

सनातन धर्म में भगवान श्रीगणेश को प्रथम पूज्य देवता माना गया है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, यज्ञ या मांगलिक आयोजन की शुरुआत भगवान गणेश की आराधना से की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि श्रीगणेश की उपासना करने से जीवन के विघ्न दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। इसी प्रकार श्री गणेशाष्टकम् (Shri Ganeshashtakam) भगवान गणेश की महिमा का वर्णन करने वाला अत्यंत प्रभावशाली स्तोत्र माना जाता है। श्रद्धा और भक्ति के साथ इसका पाठ करने से गणपति बप्पा प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बरसाते हैं।

गणेश अष्टक का धार्मिक महत्व

गणेश अष्टक में भगवान गणेश के दिव्य स्वरूप, गुणों और उनकी महिमा का वर्णन किया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसका नियमित पाठ करने से व्यक्ति के जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं, बुद्धि और विवेक का विकास होता है तथा कार्यों में सफलता प्राप्त होती है। विशेष रूप से बुधवार, गणेश चतुर्थी और संकष्टी चतुर्थी के दिन इसका पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

श्री गणेशाष्टकम्

एकदन्तं महाकायं तप्तकाञ्चनसन्निभम्।
लम्बोदरं विशालाक्षं वन्देऽहं गणनायकम्॥

मौञ्जीकृष्णाजिनधरं नागयज्ञोपवीतिनम्।
बालेन्दुशकलं मौलौ वन्देऽहं गणनायकम्॥

चित्ररत्नविचित्राङ्गं चित्रमालाविभूषितम्।
कामरूपधरं देवं वन्देऽहं गणनायकम्॥

गजवक्त्रं सुरश्रेष्ठं कर्णचामरभूषितम्।
पाशाङ्कुशधरं देवं वन्देऽहं गणनायकम्॥

मूषकोत्तममारुह्य देवासुरमहाहवे।
योद्धुकामं महावीर्यं वन्देऽहं गणनायकम्॥

यक्षकिन्नरगन्धर्वसिद्धविद्याधरैः सदा।
स्तूयमानं महाबाहुं वन्देऽहं गणनायकम्॥

अम्बिकाहृदयानन्दं मातृभिः परिवेष्टितम्।
भक्तप्रियं मदोन्मत्तं वन्देऽहं गणनायकम्॥

सर्वविघ्नहरं देवं सर्वसिद्धिप्रदायकम्।
भक्ताभीष्टप्रदातारं वन्देऽहं गणनायकम्॥

गणेश अष्टक के पाठ से जुड़े धार्मिक लाभ

  • जीवन की बाधाओं और विघ्नों को दूर करने की कामना की जाती है।
  • बुद्धि, विवेक और ज्ञान की प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है।
  • शुभ कार्यों में सफलता और उन्नति की प्रार्थना की जाती है।
  • परिवार में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहने की कामना की जाती है।
  • भगवान गणेश की कृपा से आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने की मान्यता है।

पाठ की सरल विधि

प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक और धूप जलाएं। उन्हें दूर्वा, लाल पुष्प, मोदक और सिंदूर अर्पित करें। इसके बाद श्रद्धा और एकाग्र मन से गणेश अष्टक का पाठ करें तथा अंत में गणेश जी की आरती कर सुख-समृद्धि और मंगल की कामना करें।

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