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शारदीय नवरात्रि 2026: मां दुर्गा की पूजा में वर्जित हैं ये 5 चीजें, पूजा में गलती से ना करें इस्तेमाल
 

शारदीय नवरात्रि 2026: मां दुर्गा की पूजा में वर्जित हैं ये 5 चीजें, पूजा में गलती से ना करें इस्तेमाल

शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व मां दुर्गा की उपासना के लिए विशेष महत्व रखता है। इन नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। पूजा के दौरान फूल, फल, मिठाई, चुनरी और अन्य सामग्री अर्पित की जाती है। हालांकि, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कुछ ऐसी चीजें भी हैं, जिन्हें मां दुर्गा की पूजा में चढ़ाने से बचना चाहिए। आइए जानते हैं वे 5 चीजें कौन-सी हैं, जिनका ध्यान नवरात्रि में रखना जरूरी माना जाता है।

1. मां दुर्गा को न चढ़ाएं तुलसी के पत्ते

हिंदू धर्म में तुलसी को अत्यंत पवित्र माना जाता है और भगवान विष्णु की पूजा में इसका विशेष महत्व है। हालांकि, प्रचलित धार्मिक परंपराओं में मां दुर्गा की पूजा में तुलसी दल अर्पित करने से बचने की सलाह दी जाती है। इसलिए नवरात्रि में पूजा की थाली तैयार करते समय अपनी परंपरा के अनुसार सामग्री का चयन करें।

2. धतूरा और आक के फूल चढ़ाने से बचें

धतूरा और आक यानी मदार का संबंध मुख्य रूप से भगवान शिव की पूजा से माना जाता है। मां दुर्गा की सामान्य पूजा में इनका इस्तेमाल प्रचलित नहीं है। ऐसे में भक्त माता को लाल गुड़हल और अन्य ताजे फूल अर्पित करना पसंद करते हैं। फूल चढ़ाते समय उनकी स्वच्छता और ताजगी का ध्यान रखना चाहिए।

3. कनेर और केतकी के फूलों का न करें इस्तेमाल

धार्मिक मान्यताओं में कुछ फूलों को विशेष देवी-देवताओं की पूजा के लिए उपयुक्त माना जाता है। प्रचलित मान्यताओं के अनुसार, मां दुर्गा की पूजा में कनेर और केतकी के फूलों को अर्पित करने से बचना चाहिए। हालांकि, फूलों से जुड़े नियम अलग-अलग धार्मिक परंपराओं में भिन्न हो सकते हैं।

4. बासी या खराब फल न चढ़ाएं

नवरात्रि में मां दुर्गा को फल और मिठाइयों का भोग लगाने की परंपरा है। पूजा में भोग की शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाता है। इसलिए सड़े-गले, खराब या दूषित फलों को भोग में शामिल नहीं करना चाहिए। हमेशा साफ और ताजे फल अर्पित करें। जमीन पर गिरे या गंदगी से दूषित फलों का इस्तेमाल करने से भी बचें।

5. तामसिक भोजन का न लगाएं भोग

नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा के दौरान सात्विक भोजन का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक परंपराओं के अनुसार, प्याज और लहसुन से बने व्यंजनों को देवी के भोग में शामिल करने से बचा जाता है। इसके बजाय हलवा, खीर, फल, मिठाई और अन्य सात्विक पकवान अर्पित किए जाते हैं। व्रत रखने वाले भक्त भी अपनी परंपरा के अनुसार खानपान के नियमों का पालन करते हैं।

नवरात्रि में पूजा करते समय इन बातों का भी रखें ध्यान

  • पूजा स्थल को साफ और व्यवस्थित रखें।
  • मां दुर्गा को ताजे फूल और स्वच्छ भोग अर्पित करें।
  • मंदिर में टूटी-फूटी मूर्तियां, सूखे फूल और खराब पूजा सामग्री जमा न होने दें।
  • पूजा करते समय अपने परिवार की परंपराओं और स्थानीय रीति-रिवाजों का ध्यान रखें।

मां दुर्गा की पूजा में शुद्धता का क्या है महत्व?

हिंदू धार्मिक परंपराओं में पूजा के दौरान स्वच्छता, श्रद्धा और सात्विकता को महत्वपूर्ण माना जाता है। नवरात्रि में भक्त मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना करते हैं और परिवार के कल्याण की प्रार्थना करते हैं। पूजा में सामग्री का चयन करते समय अपनी धार्मिक परंपरा का पालन करना और श्रद्धा बनाए रखना महत्वपूर्ण है।

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