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Shani Sade Sati: मेष राशि वालों पर चल रही है शनि की साढ़ेसाती, जानें कब शुरू होगा दूसरा चरण

Shani Sade Sati: मेष राशि वालों पर चल रही है शनि की साढ़ेसाती, जानें कब शुरू होगा दूसरा चरण

ज्योतिष शास्त्र में शनि ग्रह को कर्म, न्याय और अनुशासन का कारक माना जाता है। शनि की चाल में बदलाव का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ता है। खासतौर पर शनि की साढ़ेसाती को ज्योतिष में महत्वपूर्ण माना जाता है। यह लगभग साढ़े सात साल की अवधि होती है, जिसमें शनि तीन चरणों में अपना प्रभाव दिखाते हैं।

वर्तमान समय में मेष राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, आने वाले समय में शनि के राशि परिवर्तन के साथ मेष राशि वालों की साढ़ेसाती के चरणों में बदलाव देखने को मिलेगा।

मेष राशि पर शनि साढ़ेसाती का पहला चरण

मेष राशि वालों के लिए शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण तब शुरू हुआ, जब शनि ने मीन राशि में प्रवेश किया। साढ़ेसाती के पहले चरण में शनि व्यक्ति को आत्ममंथन, धैर्य और जिम्मेदारियों का पाठ पढ़ाने वाले ग्रह माने जाते हैं।

इस दौरान व्यक्ति को अपने कार्यों, आर्थिक फैसलों और रिश्तों को लेकर अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। हालांकि ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, मेहनत और सही कर्म करने वालों को शनि शुभ परिणाम भी प्रदान कर सकते हैं।

जून 2027 में शुरू होगा दूसरा चरण

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जून 2027 में शनि के मेष राशि में प्रवेश के साथ मेष राशि वालों की साढ़ेसाती का दूसरा चरण शुरू होगा। साढ़ेसाती का मध्य चरण सबसे प्रभावशाली माना जाता है।

इस दौरान करियर, आर्थिक स्थिति, स्वास्थ्य और व्यक्तिगत जीवन से जुड़े मामलों में बड़े बदलाव आने की मान्यता है। यह समय व्यक्ति को मेहनत, अनुशासन और धैर्य की परीक्षा देने वाला माना जाता है।

अक्टूबर 2027 में फिर बदलेगी स्थिति

शनि जब अपनी चाल बदलकर वक्री होते हैं, तो कई बार राशियों पर उनके प्रभाव में भी परिवर्तन माना जाता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, अक्टूबर 2027 में शनि के वक्री होने पर मेष राशि वालों के लिए कुछ समय के लिए साढ़ेसाती का पहला चरण दोबारा प्रभावी हो सकता है।

इसके बाद शनि के मार्गी होने पर स्थिति में फिर बदलाव आने की संभावना मानी जाती है।

फरवरी 2028 से फिर शुरू होगा मध्य चरण

गणनाओं के अनुसार, फरवरी 2028 से शनि के फिर से मेष राशि में प्रभावी होने पर साढ़ेसाती का मध्य चरण शुरू होगा। इस समय को साढ़ेसाती का सबसे महत्वपूर्ण दौर माना जाता है।

ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान व्यक्ति को अपने कर्मों पर ध्यान देना चाहिए, गलत कार्यों से बचना चाहिए और धैर्य के साथ परिस्थितियों का सामना करना चाहिए।

शनि की साढ़ेसाती में क्या करें?

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शनि के शुभ प्रभाव के लिए कुछ उपाय बताए जाते हैं—

शनिवार के दिन शनि देव की पूजा करें।
जरूरतमंद लोगों की सहायता करें।
काले तिल और सरसों के तेल का दान करें।
मेहनत, ईमानदारी और अनुशासन का पालन करें।
किसी का अहित करने से बचें।

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