सावन-प्रदोष के महासंयोग में सीहोर भगवामय, 11 किमी कांवड़ यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब; पंडित प्रदीप मिश्रा के साथ भक्तों ने लगाए जयकारे
मध्य प्रदेश के सीहोर में सावन और प्रदोष के महासंयोग पर मंगलवार को आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। धर्मनगरी सीहोर पूरी तरह भगवा रंग में रंगी नजर आई। हजारों श्रद्धालुओं ने 11 किलोमीटर लंबी कांवड़ यात्रा में शामिल होकर भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। यात्रा के दौरान हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से पूरा मार्ग गूंजता रहा। प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा भी इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए और भक्तों के साथ भगवान शिव का जयघोष किया।
कांवड़ यात्रा को लेकर सुबह से ही श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग सीहोर पहुंचे। कांवड़ियों ने पवित्र जल लेकर निर्धारित मार्ग पर यात्रा शुरू की। जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ी, श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती गई। पूरा रास्ता भगवा ध्वज, पताकाओं और शिवभक्तों से पट गया।
11 किलोमीटर तक दिखा भक्ति का रंग
कांवड़ यात्रा करीब 11 किलोमीटर लंबी रही। यात्रा में शामिल श्रद्धालु कंधों पर कांवड़ लेकर भगवान शिव का स्मरण करते हुए आगे बढ़ते रहे। कई जगहों पर स्थानीय लोगों ने कांवड़ियों के लिए पानी, शरबत और प्रसाद की व्यवस्था की। श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।
यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं और युवा भी शामिल हुए। कई श्रद्धालु डीजे और भजनों की धुन पर भगवान शिव की भक्ति में झूमते नजर आए। रास्तेभर शिव भक्तों ने एक-दूसरे के साथ हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारे लगाए।
पंडित प्रदीप मिश्रा के साथ भक्तों ने लगाए जयकारे
कांवड़ यात्रा में पंडित प्रदीप मिश्रा की मौजूदगी ने श्रद्धालुओं के उत्साह को और बढ़ा दिया। उनके साथ बड़ी संख्या में भक्त भगवान शिव का जयघोष करते नजर आए। पंडित मिश्रा ने श्रद्धालुओं से धार्मिक आस्था के साथ अनुशासन बनाए रखने और भगवान शिव का स्मरण करने का आह्वान किया।
आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में पंडित प्रदीप मिश्रा को देखने और उनका आशीर्वाद लेने को लेकर भी उत्साह रहा। उनके साथ चल रहे भक्तों ने लगातार शिव नाम का जाप किया।
सावन और प्रदोष का विशेष महत्व
हिंदू धर्म में सावन महीने को भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। वहीं प्रदोष व्रत भी भगवान शिव को समर्पित होता है। जब सावन और प्रदोष का संयोग बनता है तो शिव भक्त इसे बेहद शुभ अवसर मानते हैं। इसी धार्मिक महत्व के चलते सीहोर में आयोजित कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
मान्यता है कि सावन में भगवान शिव का जलाभिषेक करने और श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालु पवित्र जल लेकर शिवालय पहुंचते हैं और भगवान शिव का अभिषेक करते हैं।
सुरक्षा व्यवस्था के रहे पुख्ता इंतजाम
भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। यात्रा मार्ग पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई और यातायात व्यवस्था को नियंत्रित किया गया। भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए जगह-जगह निगरानी की गई।
सावन-प्रदोष के इस धार्मिक आयोजन ने एक बार फिर सीहोर की शिवभक्ति और धार्मिक आस्था की तस्वीर पेश की। 11 किलोमीटर तक निकली कांवड़ यात्रा में उमड़ा जनसैलाब और लगातार गूंजते हर-हर महादेव के जयकारे पूरे शहर के लिए आस्था का यादगार दृश्य बन गए।

