सावन शिवरात्रि 2026: 11 अगस्त को कब रहेगा भद्रा काल? जानें जलाभिषेक, पूजा मुहूर्त और शुभ समय
सावन शिवरात्रि भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। वर्ष 2026 में यह पर्व 11 अगस्त (मंगलवार) को मनाया जाएगा। इस दिन शिवलिंग पर जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और रात्रि जागरण का विशेष महत्व है।
भद्रा काल
11 अगस्त को भद्रा (विष्टि करण) का प्रभाव सुबह 4:54 बजे से दोपहर 3:22 बजे तक रहेगा। यानी भद्रा की अवधि लगभग 10 घंटे 28 मिनट रहेगी।
जलाभिषेक का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 4:33 बजे से 5:17 बजे तक
- प्रदोष काल (संध्या): सूर्यास्त के बाद शिव पूजन का विशेष महत्व माना जाता है।
- रात्रि पूजा: शिवरात्रि की रात चार प्रहरों में पूजा और जलाभिषेक करना अत्यंत शुभ माना गया है।
निशीथ काल पूजा मुहूर्त
- 12 अगस्त की मध्यरात्रि: रात 12:17 बजे से 1:01 बजे तक
- अवधि: लगभग 43 मिनट। इसे भगवान शिव की विशेष आराधना का सबसे श्रेष्ठ समय माना जाता है।
रात्रि के चार प्रहर
- प्रथम प्रहर: 7:13 PM – 9:56 PM
- द्वितीय प्रहर: 9:56 PM – 12:39 AM
- तृतीय प्रहर: 12:39 AM – 3:22 AM
- चतुर्थ प्रहर: 3:22 AM – 6:05 AM
पूजा के लिए क्या करें?
- शिवलिंग का गंगाजल या स्वच्छ जल से अभिषेक करें।
- बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल, भस्म और सफेद पुष्प अर्पित करें।
- "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करें।
- रुद्राष्टाध्यायी या शिव चालीसा का पाठ करना भी शुभ माना जाता है।

