Sawan Putrada Ekadashi 2026: रविवार को रखा जाएगा पुत्रदा एकादशी व्रत, भूलकर भी न करें ये 7 काम
सावन महीने की पुत्रदा एकादशी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने की परंपरा है। इस बार सावन पुत्रदा एकादशी का व्रत रविवार, 23 अगस्त 2026 को रखा जाएगा। सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होने के कारण इस एकादशी पर भगवान विष्णु के साथ भगवान शिव की पूजा का भी विशेष महत्व बताया जाता है। मान्यता है कि एकादशी के दिन विधि-विधान से पूजा और व्रत करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
पुत्रदा एकादशी को खास तौर पर संतान सुख, संतान की लंबी आयु और परिवार की खुशहाली के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। हालांकि, इस दिन कुछ ऐसे कार्य भी बताए गए हैं, जिन्हें धार्मिक मान्यताओं के अनुसार करने से बचना चाहिए।
1. चावल का सेवन न करें
एकादशी के दिन चावल खाने की मनाही बताई गई है। धार्मिक मान्यता के अनुसार व्रत रखने वाले व्यक्ति को एकादशी पर चावल और उससे बने खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए। फलाहार करने वाले श्रद्धालु फल, दूध और सात्विक आहार ले सकते हैं।
2. किसी से विवाद न करें
पुत्रदा एकादशी के दिन मन को शांत रखने की सलाह दी जाती है। इस दिन किसी से विवाद, झगड़ा या कटु शब्द बोलने से बचना चाहिए। मान्यता है कि व्रत और पूजा के दौरान मन में सकारात्मक विचार रखना शुभ होता है।
3. तामसिक भोजन से रहें दूर
एकादशी के दिन मांसाहार, शराब और अन्य तामसिक चीजों से पूरी तरह दूर रहने की धार्मिक मान्यता है। व्रत न रखने वाले लोगों को भी इस दिन सात्विक भोजन करने की सलाह दी जाती है।
4. तुलसी के पत्ते न तोड़ें
भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी का विशेष महत्व है। लेकिन धार्मिक मान्यता के अनुसार एकादशी के दिन तुलसी की पत्तियां तोड़ने से बचना चाहिए। पूजा के लिए तुलसी के पत्ते एक दिन पहले ही तोड़कर रखे जा सकते हैं।
5. भगवान शिव को तुलसी न चढ़ाएं
सावन पुत्रदा एकादशी पर भगवान विष्णु और भगवान शिव दोनों की पूजा की जाती है। विष्णु जी को तुलसी अर्पित की जाती है, जबकि शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने की परंपरा है। दोनों की पूजा सामग्री को अलग रखना उचित माना जाता है।
6. दिन में सोने से बचें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी के दिन भगवान विष्णु का स्मरण, मंत्र जाप और धार्मिक कार्यों में समय बिताना शुभ माना जाता है। इसलिए व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को दिन में अनावश्यक रूप से सोने से बचने की सलाह दी जाती है।
7. भगवान का स्मरण करना न भूलें
एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा के साथ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप किया जा सकता है। वहीं सावन होने के कारण भगवान शिव का जलाभिषेक कर ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करना भी शुभ माना जाता है।
सावन पुत्रदा एकादशी पर शिव-विष्णु की पूजा
सावन पुत्रदा एकादशी का दिन भगवान विष्णु और भगवान शिव की आराधना के लिहाज से विशेष माना जाता है। सुबह स्नान के बाद व्रत का संकल्प लेकर भगवान विष्णु को पीले फूल, तुलसी और फल अर्पित किए जा सकते हैं। इसके बाद शिवलिंग पर जल चढ़ाकर बेलपत्र अर्पित करें।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रद्धा और नियमों के साथ रखा गया पुत्रदा एकादशी व्रत संतान सुख और परिवार की खुशहाली के लिए फलदायी माना जाता है। हालांकि, व्रत और पूजा से जुड़े नियम अलग-अलग धार्मिक परंपराओं और स्थानीय पंचांग के अनुसार कुछ भिन्न हो सकते हैं।

