23 फरवरी से बदलेगा शनि का प्रभाव, इन 5 राशियों पर शुरू होगी साढ़ेसाती और ढैया
वैदिक ज्योतिष में शनि ग्रह को कर्मफलदाता और न्याय का देवता माना जाता है। शनि जब एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करते हैं तो इसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग देखने को मिलता है। खास बात यह है कि 23 फरवरी 2028 को शनि ग्रह स्थायी रूप से मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इस गोचर के साथ ही साढ़ेसाती और शनि की ढैया का क्रम भी बदल जाएगा। ऐसे में कुछ राशियों को राहत मिलेगी, जबकि कुछ राशियों पर शनि का प्रभाव शुरू होगा।
मेष राशि में शनि के प्रवेश से बदलेगा साढ़ेसाती का क्रम
शनि के मेष राशि में प्रवेश करते ही मीन, मेष और वृषभ राशि के जातक साढ़ेसाती के अलग-अलग चरणों से गुजरेंगे। वहीं कर्क और वृश्चिक राशि के लोगों पर शनि की ढैया शुरू हो जाएगी। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि की साढ़ेसाती लगभग साढ़े सात वर्ष तक रहती है और इसे तीन चरणों में बांटा जाता है। हर चरण का प्रभाव व्यक्ति की कुंडली और शनि की स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
इन राशियों पर रहेगी शनि की साढ़ेसाती
मीन राशि:
मीन राशि के जातक साढ़ेसाती के अंतिम चरण में होंगे। इस दौरान लंबे समय से अटके कार्य पूरे होने की संभावना बन सकती है। हालांकि, स्वास्थ्य और आर्थिक मामलों में सावधानी बरतना जरूरी रहेगा। मेहनत का फल मिलने के योग भी बनेंगे।
मेष राशि:
मेष राशि पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण शुरू होगा, जिसे सबसे प्रभावशाली माना जाता है। इस दौरान नौकरी, व्यापार, पारिवारिक जीवन और आर्थिक मामलों में चुनौतियां आ सकती हैं। धैर्य और अनुशासन बनाए रखना लाभदायक रहेगा।
वृषभ राशि:
वृषभ राशि के जातकों के लिए साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू होगा। इस समय नए खर्च बढ़ सकते हैं और योजनाओं में देरी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, सही रणनीति और मेहनत से अच्छे परिणाम भी प्राप्त किए जा सकते हैं।
इन राशियों पर शुरू होगी शनि की ढैया
कर्क राशि:
शनि की ढैया शुरू होने से कार्यक्षेत्र में अतिरिक्त जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। मानसिक तनाव से बचने और सोच-समझकर फैसले लेने की सलाह दी जाती है।
वृश्चिक राशि:
वृश्चिक राशि के लोगों को करियर और पारिवारिक मामलों में संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता होगी। अनावश्यक विवादों से बचना और धैर्य के साथ काम करना लाभदायक रहेगा।
क्या होता है शनि की साढ़ेसाती और ढैया?
ज्योतिष के अनुसार, जब शनि चंद्र राशि से एक राशि पहले, उसी राशि में और एक राशि बाद तक गोचर करते हैं, तब साढ़ेसाती मानी जाती है। वहीं जब शनि चंद्र राशि से चौथे या आठवें भाव में होते हैं, तब शनि की ढैया का प्रभाव माना जाता है। हालांकि, इसका असर हर व्यक्ति की जन्मकुंडली, दशा और शनि की स्थिति पर निर्भर करता है।
घबराने की नहीं, सतर्क रहने की जरूरत
ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि शनि केवल कर्मों के अनुसार फल देते हैं। इसलिए साढ़ेसाती या ढैया को केवल अशुभ मानना सही नहीं है। यदि व्यक्ति ईमानदारी, अनुशासन और मेहनत के साथ अपने कार्य करता है तो शनि सकारात्मक परिणाम भी प्रदान कर सकते हैं। इसलिए 23 फरवरी 2028 से बदलने वाले इस ग्रह परिवर्तन को डर की बजाय सतर्कता और सकारात्मक सोच के साथ देखना अधिक उचित माना जाता है।

