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राजस्थान का अनोखा मंदिर, जहां चूहों का जूठा प्रसाद माना जाता है पवित्र

करणी माता मंदिर राजस्थान के बीकानेर जिले के देशनोक में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। इसे देशभर में चूहों वाले मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। मंदिर में बड़ी संख्या में काबा यानी पवित्र चूहे रहते हैं, जिन्हें श्रद्धालु धार्मिक आस्था के साथ पूजते हैं।  मंदिर का धार्मिक महत्व  लोकमान्यता के अनुसार, करणी माता देवी दुर्गा का अवतार मानी जाती हैं। करणी माता को बीकानेर के राजघराने की कुलदेवी के रूप में भी विशेष सम्मान प्राप्त है। मान्यता है कि उनके आशीर्वाद से बीकानेर रियासत की रक्षा हुई और क्षेत्र में सुख-समृद्धि बनी रही।  मंदिर की खासियत  मंदिर की सबसे अनोखी पहचान यहां रहने वाले हजारों चूहे हैं। इन्हें काबा कहा जाता है। श्रद्धालु इन काबाओं को भोजन कराते हैं और इनके दर्शन को शुभ मानते हैं। धार्मिक मान्यता है कि मंदिर में सफेद चूहे का दर्शन विशेष सौभाग्य का संकेत माना जाता है।  मंदिर की वास्तुकला भी बेहद आकर्षक है। संगमरमर से बने प्रवेश द्वार, चांदी के दरवाजे और सुंदर नक्काशी इसे राजस्थान के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में शामिल करते हैं।  कैसे पहुंचें  करणी माता मंदिर देशनोक, बीकानेर से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। बीकानेर शहर से सड़क और रेल मार्ग के जरिए देशनोक पहुंचा जा सकता है। नजदीकी प्रमुख रेलवे स्टेशन बीकानेर है, जबकि देशनोक का अपना रेलवे स्टेशन भी है।  करणी माता मंदिर आस्था, इतिहास और अनोखी धार्मिक परंपरा का ऐसा संगम है, जिसे देखने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचते हैं।

करणी माता मंदिर राजस्थान के बीकानेर जिले के देशनोक में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। इसे देशभर में चूहों वाले मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। मंदिर में बड़ी संख्या में काबा यानी पवित्र चूहे रहते हैं, जिन्हें श्रद्धालु धार्मिक आस्था के साथ पूजते हैं।

मंदिर का धार्मिक महत्व

लोकमान्यता के अनुसार, करणी माता देवी दुर्गा का अवतार मानी जाती हैं। करणी माता को बीकानेर के राजघराने की कुलदेवी के रूप में भी विशेष सम्मान प्राप्त है। मान्यता है कि उनके आशीर्वाद से बीकानेर रियासत की रक्षा हुई और क्षेत्र में सुख-समृद्धि बनी रही।

मंदिर की खासियत

मंदिर की सबसे अनोखी पहचान यहां रहने वाले हजारों चूहे हैं। इन्हें काबा कहा जाता है। श्रद्धालु इन काबाओं को भोजन कराते हैं और इनके दर्शन को शुभ मानते हैं। धार्मिक मान्यता है कि मंदिर में सफेद चूहे का दर्शन विशेष सौभाग्य का संकेत माना जाता है।मंदिर की वास्तुकला भी बेहद आकर्षक है। संगमरमर से बने प्रवेश द्वार, चांदी के दरवाजे और सुंदर नक्काशी इसे राजस्थान के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में शामिल करते हैं।

कैसे पहुंचें

करणी माता मंदिर देशनोक, बीकानेर से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। बीकानेर शहर से सड़क और रेल मार्ग के जरिए देशनोक पहुंचा जा सकता है। नजदीकी प्रमुख रेलवे स्टेशन बीकानेर है, जबकि देशनोक का अपना रेलवे स्टेशन भी है।करणी माता मंदिर आस्था, इतिहास और अनोखी धार्मिक परंपरा का ऐसा संगम है, जिसे देखने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचते हैं।

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