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गर्भवती महिलाएं चंद्र ग्रहण के दौरान रहें सावधान! जानिए क्या करना चाहिए और किन बातों का रखें ध्यान 

गर्भवती महिलाएं चंद्र ग्रहण के दौरान रहें सावधान! जानिए क्या करना चाहिए और किन बातों का रखें ध्यान 

चंद्र ग्रहण एक खगोलीय घटना है, लेकिन भारतीय परंपराओं में ग्रहण से जुड़े सूतक काल और धार्मिक मान्यताओं को भी काफी महत्व दिया जाता है। मान्यता के अनुसार, ग्रहण शुरू होने से कुछ समय पहले सूतक काल लग जाता है। इस दौरान कुछ कार्यों को करने से बचने की सलाह दी जाती है। खासतौर पर गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान कुछ विशेष सावधानियां बरतने के लिए कहा जाता है।

हालांकि, वैज्ञानिक दृष्टि से चंद्र ग्रहण का गर्भवती महिला या गर्भ में पल रहे बच्चे पर कोई विशेष नकारात्मक प्रभाव साबित नहीं हुआ है। इसके बावजूद धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कई परिवार इस दौरान कुछ नियमों का पालन करते हैं।

28 अगस्त को लगेगा चंद्र ग्रहण

साल 2026 का आखिरी चंद्र ग्रहण 28 अगस्त, शुक्रवार को लगेगा। इसी दिन रक्षाबंधन का त्योहार भी मनाया जाएगा। यह ग्रहण आंशिक यानी खंडग्रास चंद्र ग्रहण होगा।

चंद्र ग्रहण उस समय होता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और पृथ्वी की छाया चंद्रमा के कुछ हिस्से पर पड़ती है। आंशिक चंद्र ग्रहण में चंद्रमा का केवल एक हिस्सा ही पृथ्वी की छाया में आता है।

दिए गए विवरण के अनुसार, यह ग्रहण सुबह 8 बजकर 4 मिनट से शुरू होकर 11 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। इस दौरान चंद्रमा कुंभ राशि में स्थित रहेगा।

ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं के लिए माने जाते हैं ये नियम

भोजन करने से बचने की मान्यता

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को भोजन नहीं करना चाहिए। हालांकि, स्वास्थ्य की दृष्टि से गर्भवती महिला को लंबे समय तक भूखा रहना उचित नहीं है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह को प्राथमिकता देनी चाहिए।

नुकीली चीजों से दूर रहने की सलाह

परंपरा में ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को चाकू, कैंची, सुई जैसी नुकीली चीजों का इस्तेमाल न करने की सलाह दी जाती है। इसी वजह से इस दौरान सिलाई-कढ़ाई जैसे कामों से भी दूर रहने की मान्यता है।

घर से बाहर निकलने की मनाही

धार्मिक मान्यताओं में ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर न निकलने की सलाह दी जाती है। इसे ग्रहण के दौरान वातावरण में नकारात्मक प्रभाव की मान्यता से जोड़ा जाता है।

सोने से भी किया जाता है मना

कुछ धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को सोने से बचना चाहिए। इस समय भगवान का स्मरण और धार्मिक गतिविधियां करने की सलाह दी जाती है।

ग्रहण के दौरान स्नान न करने की मान्यता

परंपरा के अनुसार ग्रहण के दौरान स्नान करने से बचने की बात कही जाती है। मान्यता है कि ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करके शुद्धिकरण किया जाना चाहिए।

जरूरी बात

ग्रहण से जुड़े ये नियम धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं। गर्भवती महिलाओं के लिए भोजन, दवा, आराम या किसी अन्य स्वास्थ्य संबंधी जरूरत को लेकर डॉक्टर की सलाह को प्राथमिकता देना जरूरी है।

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