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परमा एकादशी व्रत कथा: अधिकमास की शुक्ल पक्ष एकादशी का महत्व, जानें पौराणिक कथा

परमा एकादशी व्रत कथा: अधिकमास की शुक्ल पक्ष एकादशी का महत्व, जानें पौराणिक कथा

अधिकमास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को Parama Ekadashi कहा जाता है। कुछ ग्रंथों में इसे कामदा एकादशी भी बताया गया है, जिसका उल्लेख Padma Purana में मिलता है।

यह एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है और इसे अत्यंत पुण्यदायी व्रतों में से एक माना गया है।

📖 व्रत कथा

प्राचीन समय में एक नगर में एक धर्मपरायण ब्राह्मण रहता था, जो भगवान विष्णु का परम भक्त था। लेकिन जीवन में अचानक उसके सामने अनेक संकट आने लगे। घर में दरिद्रता और मानसिक तनाव बढ़ गया।

काफी प्रयासों के बावजूद जब उसे समाधान नहीं मिला, तो उसने एक ऋषि से मार्गदर्शन लिया। ऋषि ने उसे सलाह दी कि वह परमा एकादशी का व्रत श्रद्धा और नियमों के साथ करे।

ब्राह्मण ने पूरे विश्वास के साथ उपवास रखा, भगवान विष्णु की पूजा की और रात्रि जागरण किया। कहा जाता है कि व्रत पूर्ण होने के बाद उसके सभी कष्ट दूर हो गए और जीवन में सुख-समृद्धि लौट आई।

🌼 व्रत का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत के प्रभाव से:

  • पापों का नाश होता है
  • मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं
  • जीवन में सुख और शांति आती है
  • भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है

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