जयपुर एस्ट्रो डेस्क: रत्नशास्त्र और समुद्रिक शास्त्र में रत्नों को खास माना जाता हैं वही शनि ग्रह के नकारात्मक प्रभावों को दूर करने में नीलम रत्न कारगर साबित होता हैं यह रत्न अगर शुभ फल दे तो जातक को सफलता की ऊंचाइयों तक लेकर जाता हैं रत्न शास्त्र में इसे बेहद प्रभावी रत्न माना गया हैं

वही नीलम का ही एक प्रकार होता हैं खूनी नीलम इस रत्न के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं मगर इस रत्न में शनि के अलावा मंगल की भी शक्तियां होती हैं यह रत्न एक साथ दो ग्रहों पर असर डालता हैं, तो आज हम आपको इसी रत्न के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान कर रहे हैं तो आइए जानते हैं।

खूनी नीलम का अर्थ खून जैसे रंग वाला नीलम हैं मगर इसे ब्लू नीलम भी कहा जाता हैं नीलमणि जैसे रंग के नीलम में गहरे गुलाबी या खून जैसे लाल रंग के धब्बे होते हैं उसे ही खूनी नीलम कहा जाता हैं यह रत्न बहुत ताकतवर होता हैं यह शुभ साबित हो तो अपार सफलता दिलाता हैं

मगर अशुभ हो तो जीवन बर्बाद कर देता हैं यह जानलेवा भी साबित हो सकता हैं आमतौर पर लोग इसके भयावह नकारात्मक प्रभाव के कारण इस रत्न को पहनने से बचते हैं वहीं योग्य ज्योतिषी की सलाह से ऐसे जातक इस रत्न को धारण करें जिनकी कुंडली में मंगल और शनि ग्रह अनुकूल हैं तो उनकी जिंदगी ऐसी हो जाती हैं कि लोग उनसे इश्क करें।

खूनी नीलम या ब्लू नीलम को सोने की बजाय प्लेटिनम या चांदी में पहनना चाहिए इसे उस हाथ में धारण करें। जिस हाथ से व्यक्ति काम करता हो। यानी कि जो लोग बाएं हाथ से काम करते हो तो वे बांए हाथ में ही इसे धारण करें। इसे बाए या दाएं हाथ की बीच वाली उंगली में पहना जाता हैं इसे पहनने के लिए किसी भी महीने के कृष्ण पक्ष के शनिवार शाम का समय अच्छा माना जाता हैं इसके लिए आप ज्योतिषी से भी शुभ मुहूर्त पूछ सकते हैं।


