इस चमत्कारी रत्न को धारण करते ही बढ़ने लगता है बैंक बैलेंस, नहीं रहती कोई कमी
ज्योतिष न्यूज़ डेस्क: हर किसी के जीवन में रत्न महत्वपूर्ण होते हैं यह व्यक्ति की सुंदरता में चार चांद लगाने का काम करते हैं ज्योतिष में भी इन रत्नों को विशेष माना गया है ज्योतिषीय सलाह लेकर रत्नों को धारण करने से जीवन की कई परेशानियों व समस्याओं का समाधान हो जाता है रत्न शास्त्र में बहुत से रत्न और उपरत्नों का जिक्र किया गया है हर रत्न किसी न किसी ग्रह से संबंधित होता है कुंडली के ग्रहों को मजबूत करने और शुभ फल पाने के लिए भी ज्योतिष रत्न धारण करने की सलाह देते हैं

रत्नशास्त्र में पुखराज को बेहद शक्तिशाली और महत्वपूर्ण रत्न माना गया है इस रत्न को धारण करने से गुरु ग्रह मजबूत होता है ज्योतिषशास्त्र में गुरु को सुख समृद्धि और धन दौलत का कारक ग्रह माना जाता है इस रत्न को धारण करने से जीवन में धन और सुख की कमी नहीं रहती है तो आज हम आपको पुखराज रत्न से जुड़ी जानकारी प्रदान कर रहे हैं तो आइए जानते हैं।

रत्नशास्त्र के अनुसार अगर पुखराज रत्न किसी को सूट कर जाए तो यह रत्न 30 दिनों के भीतर ही अपना असर दिखाने लगता है यह रत्न बृहस्पति का प्रतिनिधित्व करता है ऐसे में बृहस्पति के स्वामित्व वाली राशियां धनु और मीन राशि के जातक यह रत्न धारण कर सकते हैं साथ ही साथ मेष, कर्क, सिंह और वृश्चिक राशि के लोग भी इस रत्न को धारण कर सकते हैं इन लोगों को इससे खूब लाभ मिलता है। किसी भी रत्न को धारण करने से पहले ज्योतिष की सलाह लेना जरूरी होता है ऐसे में पुखराज रत्न वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुंभ राशि वाले लोग भूलकर भी ना धारण करें अगर धारण करना भी है तो ज्योतिष की सलाह जरूर लें।

जानिए पुखराज धारण करने की विधि—
ज्योतिष की मानें तो जातक को कम से कम 3. 25 कैरेट का पुखराज ही धारण करना चाहिए ये रत्न गुरुवार के दिन सोने या चांदी की अंगूठी में धारण करना शुभ होता है पुखराज को धारण करने से पहले इसे गंगाजल और दूध से शुद्ध करना चाहिए फिर दाहिने हाथ की तर्जनी उंगली में इस रत्न को धारण करना चाहिए इस विधि से पुखराज धारण करने से विशेष फलों की प्राप्ति होती है और परेशानियां भी दूर हो जाती है।


