पितृ पक्ष में एकादशी व्रत किस दिन है? जान लें सही डेट, पूजन और श्राद्ध के उत्तम मुहूर्त
पितृ पक्ष के दौरान आने वाली एकादशी तिथि का धार्मिक रूप से विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत के साथ पितरों के निमित्त तर्पण और श्राद्ध कर्म करने की परंपरा भी बताई गई है। वर्ष 2026 में पितृ पक्ष की एकादशी तिथि 6 अक्टूबर, मंगलवार को पड़ रही है।
पितृ पक्ष एकादशी कब है?
पंचांग के अनुसार, पितृ पक्ष में आने वाली एकादशी तिथि पर एकादशी श्राद्ध 6 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा। इस दिन उन पितरों का श्राद्ध किया जाता है, जिनका निधन एकादशी तिथि को हुआ हो।
श्राद्ध का शुभ मुहूर्त
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्राद्ध कर्म के लिए कुतुप, रौहिण और अपराह्न काल को शुभ माना जाता है।
- कुतुप मुहूर्त: सुबह करीब 10:45 बजे से 11:32 बजे तक
- रौहिण मुहूर्त: 11:32 बजे से 12:19 बजे तक
- अपराह्न काल: 12:19 बजे से 2:41 बजे तक
(स्थान के अनुसार समय में अंतर हो सकता है।)
एकादशी पर पूजा विधि
- सुबह स्नान करके भगवान विष्णु का ध्यान करें।
- घर के मंदिर में दीपक जलाकर भगवान विष्णु की पूजा करें।
- तुलसी पत्र अर्पित करें।
- विष्णु मंत्रों का जाप करें।
- पितरों के लिए तर्पण और दान-पुण्य करें।
पितृ पक्ष में एकादशी श्राद्ध का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिस तिथि को किसी व्यक्ति का निधन हुआ हो, उसी तिथि पर पितृ पक्ष में श्राद्ध करना श्रेष्ठ माना जाता है। यदि किसी पितर की मृत्यु एकादशी तिथि को हुई हो तो उनके निमित्त एकादशी श्राद्ध किया जाता है।
किन चीजों का करें दान?
एकादशी के दिन पितरों की शांति के लिए जरूरतमंदों को भोजन कराना, वस्त्र दान करना और गाय, कौआ या अन्य जीवों को भोजन कराना धार्मिक परंपराओं में शुभ माना जाता है।
पितृ पक्ष 2026 की अवधि भाद्रपद पूर्णिमा से शुरू होकर आश्विन अमावस्या तक बताई गई है। इस दौरान लोग अपने पूर्वजों का स्मरण करते हुए श्राद्ध, तर्पण और दान करते हैं।

