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नवंबर में इस दिन बनेगा रवि पुष्य योग, सोना-चांदी से लेकर वाहन खरीदने तक के लिए रहेगा खास; जानें मुहूर्त
 

नवंबर में इस दिन बनेगा रवि पुष्य योग, सोना-चांदी से लेकर वाहन खरीदने तक के लिए रहेगा खास; जानें मुहूर्त

हिंदू धर्म और वैदिक ज्योतिष में शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व माना जाता है। लोग सोना-चांदी खरीदने, नया वाहन लेने, कारोबार शुरू करने और घर में नई वस्तुएं लाने के लिए शुभ तिथि और योग देखते हैं। नवंबर 2026 में ऐसा ही एक विशेष संयोग बनने जा रहा है, जिसे रवि पुष्य योग कहा जाता है। इस महीने यह योग 1 नवंबर और 29 नवंबर को बनेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस योग में की गई खरीदारी और नए कार्यों की शुरुआत शुभ मानी जाती है। आइए जानते हैं रवि पुष्य योग क्या है, नवंबर में इसकी तारीखें कौन-सी हैं और इस दौरान किन कार्यों को करना शुभ माना जाता है।

नवंबर में कब बनेगा रवि पुष्य योग?

रवि पुष्य योग का निर्माण तब होता है, जब रविवार के दिन पुष्य नक्षत्र का संयोग बनता है। नवंबर 2026 में यह संयोग दो बार बनने वाला है।

  • पहला रवि पुष्य योग: रविवार, 1 नवंबर 2026 को सुबह लगभग 6:30 बजे से शुरू होकर 2 नवंबर की सुबह लगभग 4:30 बजे तक।
  • दूसरा रवि पुष्य योग: रविवार, 29 नवंबर 2026 को सुबह लगभग 6:50 बजे से 10:59 बजे तक।

ये समय प्रकाशित पंचांग गणनाओं पर आधारित अनुमानित समय हैं। शहर और पंचांग के अनुसार कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है। खरीदारी से पहले अपने स्थानीय पंचांग में समय की पुष्टि कर लें। 

क्या है रवि पुष्य योग का महत्व?

ज्योतिष शास्त्र में पुष्य नक्षत्र को शुभ और समृद्धि से जुड़ा नक्षत्र माना जाता है। वहीं, रविवार का संबंध सूर्य देव से है। मान्यता है कि जब रविवार और पुष्य नक्षत्र का संयोग बनता है, तो रवि पुष्य योग का निर्माण होता है।

इस योग को खरीदारी, व्यापार और नए कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल माना जाता है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में कार्य करने से सफलता की गारंटी मिलती है, ऐसा वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं है।

रवि पुष्य योग में क्या खरीदना माना जाता है शुभ?

1. सोना और चांदी: इस योग में सोने-चांदी के आभूषण और सिक्के खरीदना पारंपरिक रूप से शुभ माना जाता है। कई लोग इसे धन और समृद्धि से जोड़ते हैं।

2. नया वाहन: कार, बाइक या अन्य वाहन खरीदने के लिए भी इस योग को शुभ माना जाता है। वाहन की खरीदारी करते समय बजट, सुरक्षा और जरूरी दस्तावेजों पर ध्यान देना चाहिए।

3. घर और संपत्ति: कुछ ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस योग में संपत्ति से जुड़े कार्यों की शुरुआत करना भी अनुकूल माना जाता है। हालांकि, संपत्ति खरीदने से पहले कानूनी दस्तावेजों की जांच जरूरी है।

4. व्यापार की शुरुआत: नया कारोबार शुरू करने, दुकान के लिए सामान खरीदने या व्यावसायिक योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए भी इस योग को महत्व दिया जाता है।

5. पूजा-पाठ और दान: इस दिन मां लक्ष्मी और सूर्य देव की पूजा, मंत्र जाप तथा जरूरतमंदों को दान देने की परंपरा भी निभाई जा सकती है।

क्या रवि पुष्य योग में विवाह करना चाहिए?

पारंपरिक ज्योतिष में पुष्य नक्षत्र को खरीदारी और कई शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है, लेकिन विवाह के लिए इसे सामान्यतः प्राथमिकता नहीं दी जाती। विवाह जैसे संस्कारों के लिए अलग से कुंडली और विवाह मुहूर्त का विचार किया जाता है।

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