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परिवर्तिनी एकादशी पर तुलसी से करें ये 5 काम, भगवान विष्णु की कृपा मिलने की है मान्यता, सुख-शांति के लिए करें ये उपाय

परिवर्तिनी एकादशी पर तुलसी से करें ये 5 काम, भगवान विष्णु की कृपा मिलने की है मान्यता, सुख-शांति के लिए करें ये उपाय

भाद्रपद शुक्ल पक्ष की एकादशी को परिवर्तिनी एकादशी कहा जाता है। इसे जलझूलनी एकादशी, डोल ग्यारस और पार्श्व एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह दिन भगवान विष्णु की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन व्रत रखने और भगवान विष्णु की आराधना करने से पुण्य की प्राप्ति होने की मान्यता है। भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी का विशेष महत्व बताया गया है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तुलसी भगवान विष्णु को प्रिय है। ऐसे में परिवर्तिनी एकादशी पर तुलसी से जुड़े कुछ उपाय करने से घर में सुख-शांति और सकारात्मकता बनी रहने की कामना की जाती है। आइए जानते हैं तुलसी से जुड़े पांच आसान उपाय।

1. भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें

परिवर्तिनी एकादशी पर स्नान के बाद भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करें। इसके बाद भगवान को तुलसी के पत्ते अर्पित करें। धार्मिक मान्यता है कि तुलसी दल अर्पित करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं। तुलसी के पत्ते हमेशा साफ करके और श्रद्धा के साथ अर्पित करने चाहिए।

2. तुलसी के पौधे के सामने दीपक जलाएं

एकादशी के दिन शाम के समय तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाने की परंपरा है। दीपक जलाकर भगवान विष्णु का ध्यान और प्रार्थना करें। मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है और परिवार में सुख-शांति की कामना पूरी होती है।

3. तुलसी की परिक्रमा करें

पूजा के बाद तुलसी के पौधे की परिक्रमा करने की भी धार्मिक परंपरा है। श्रद्धालु तुलसी माता को प्रणाम करके श्रद्धा के साथ परिक्रमा कर सकते हैं। इस दौरान भगवान विष्णु का ध्यान और मंत्र जाप करने की मान्यता है।

4. तुलसी की माला से मंत्र जाप करें

परिवर्तिनी एकादशी पर भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है। तुलसी की माला से 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप किया जा सकता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार मंत्र जाप से मन को शांति मिलती है और व्यक्ति का ध्यान भगवान की भक्ति में केंद्रित होता है।

5. तुलसी को जल अर्पित करें

एकादशी के दिन सुबह तुलसी के पौधे को श्रद्धा से जल अर्पित करने की परंपरा है। हालांकि धार्मिक मान्यताओं में तुलसी को जल देने के लिए समय और परिस्थितियों का ध्यान रखने की बात कही जाती है। विशेष रूप से दोपहर के बाद या सूर्यास्त के समय तुलसी में जल चढ़ाने से बचने की परंपरा कई घरों में मानी जाती है।

तुलसी के पत्ते तोड़ते समय रखें ध्यान

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी के दिन तुलसी दल तोड़ने के बजाय पहले से तोड़े हुए या उपलब्ध तुलसी दल का भगवान विष्णु की पूजा में इस्तेमाल करना उचित माना जाता है। तुलसी के पत्ते तोड़ते समय भी पौधे को नुकसान न पहुंचाने की सलाह दी जाती है।

ध्यान रखें कि ये उपाय धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित हैं। इनके परिणामों को वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं माना जाता। श्रद्धालु इन्हें अपनी आस्था और परंपरा के अनुसार अपना सकते हैं।

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