जन्माष्टमी पर लाडली जगमोहन जू सरकार का अनोखा शृंगार, राजस्थानी साफा और वृंदावन की पोशाक में देंगे दर्शन
जन्माष्टमी के पर्व को लेकर मंदिरों में तैयारियां तेज हो गई हैं। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को खास बनाने के लिए मंदिरों में विशेष सजावट, पूजा-अर्चना और शृंगार की तैयारियां की जा रही हैं। इसी कड़ी में लाडली जगमोहन जू सरकार का इस बार अनोखा शृंगार आकर्षण का केंद्र रहने वाला है। जन्माष्टमी के अवसर पर ठाकुरजी राजस्थानी साफा और वृंदावन की विशेष पोशाक में भक्तों को दर्शन देंगे।
राजस्थानी साफे में नजर आएंगे ठाकुरजी
जन्माष्टमी के मौके पर ठाकुरजी को पारंपरिक राजस्थानी अंदाज में सजाया जाएगा। उनके सिर पर आकर्षक राजस्थानी साफा सजाया जाएगा। इसके साथ ही वृंदावन की शैली में तैयार की गई विशेष पोशाक धारण कराई जाएगी। भगवान के इस अनोखे स्वरूप को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने की उम्मीद है।
विशेष पोशाक और आभूषण से होगा शृंगार
ठाकुरजी के शृंगार के लिए विशेष वस्त्र और आभूषण तैयार किए जा रहे हैं। पोशाक में वृंदावन की पारंपरिक झलक देखने को मिलेगी। इसके साथ भगवान को आकर्षक मुकुट, हार, कंठी और अन्य आभूषणों से सजाया जाएगा। मंदिर परिसर को भी जन्माष्टमी के अनुरूप सजाने की तैयारियां की जा रही हैं।
जन्माष्टमी पर विशेष पूजा और दर्शन
जन्माष्टमी के दिन मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय विशेष आरती और पूजा होगी। श्रद्धालु इस दौरान ठाकुरजी के विशेष शृंगार के दर्शन कर सकेंगे। मंदिर में आने वाले भक्तों की सुविधा को देखते हुए व्यवस्थाओं को भी बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
रात में होगा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
जन्माष्टमी पर आधी रात को भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव मनाया जाएगा। इस दौरान मंदिर में घंटियों और शंख की ध्वनि के बीच विशेष आरती की जाएगी। श्रद्धालु भगवान के जन्मोत्सव के साक्षी बनेंगे और प्रसाद ग्रहण करेंगे।
भक्तों में उत्साह
लाडली जगमोहन जू सरकार के विशेष शृंगार की जानकारी सामने आने के बाद भक्तों में उत्साह है। राजस्थानी साफा और वृंदावन की पोशाक में ठाकुरजी का यह स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहने वाला है। जन्माष्टमी के दिन मंदिर में भक्तिभाव और उत्सव का माहौल देखने को मिलेगा।

