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Nirjala Ekadashi 2026: निर्जला एकादशी पर भूलकर भी न करें ये काम, नाराज हो सकते हैं भगवान विष्णु

Nirjala Ekadashi 2026: निर्जला एकादशी पर भूलकर भी न करें ये काम, नाराज हो सकते हैं भगवान विष्णु

सनातन धर्म में निर्जला एकादशी का विशेष महत्व है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्रद्धा और नियमों के साथ व्रत एवं पूजा करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है। वहीं कुछ कार्य ऐसे भी बताए गए हैं, जिन्हें एकादशी के दिन करने से बचना चाहिए। मान्यता है कि इन नियमों का पालन करने से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।

निर्जला एकादशी के दिन क्या नहीं करना चाहिए?

1. अन्न का सेवन न करें

एकादशी व्रत में चावल, गेहूं और अन्य अनाज का सेवन वर्जित माना गया है। निर्जला एकादशी में तो अन्न और जल दोनों का त्याग करने की परंपरा है। हालांकि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं वाले लोग अपनी क्षमता के अनुसार व्रत करें।

2. तामसिक भोजन से दूर रहें

लहसुन, प्याज, मांसाहार और नशीली वस्तुओं का सेवन नहीं करना चाहिए। इस दिन सात्विकता का पालन करना शुभ माना जाता है।

3. क्रोध और विवाद से बचें

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी के दिन झगड़ा, अपशब्द और क्रोध करने से व्रत का पुण्य फल कम हो सकता है।

4. झूठ और छल-कपट न करें

इस दिन सत्य बोलने और सदाचार का पालन करने की सलाह दी जाती है। किसी को धोखा देना या गलत व्यवहार करना अशुभ माना जाता है।

5. तुलसी के पत्ते न तोड़ें

एकादशी के दिन तुलसी पूजा का विशेष महत्व है, लेकिन इस दिन तुलसी के पत्ते तोड़ने से बचना चाहिए। पूजा के लिए तुलसी दल एक दिन पहले ही तोड़कर रख लेना बेहतर माना जाता है।

6. देर तक न सोएं

एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर भगवान विष्णु का स्मरण करना शुभ माना जाता है। आलस्य और अधिक नींद से बचने की सलाह दी जाती है।

7. किसी का अपमान न करें

गरीब, बुजुर्ग, माता-पिता, गुरु और जरूरतमंद लोगों का सम्मान करना चाहिए। किसी का दिल दुखाना धार्मिक दृष्टि से उचित नहीं माना जाता।

निर्जला एकादशी के दिन क्या करना चाहिए?

भगवान विष्णु की पूजा करें

सुबह स्नान के बाद भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करें।

तुलसी पूजा करें

तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं और भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें।

मंत्र जाप करें

"ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना शुभ माना जाता है।

दान-पुण्य करें

जल से भरा घड़ा, फल, वस्त्र, पंखा, छाता और अन्न का दान करने से पुण्य फल प्राप्त होने की मान्यता है।

भजन-कीर्तन और सत्संग करें

धार्मिक ग्रंथों का पाठ और भगवान का स्मरण करने से मन को शांति मिलती है।

निर्जला एकादशी का महत्व

मान्यता है कि निर्जला एकादशी का व्रत करने से वर्षभर की सभी एकादशियों के समान पुण्य प्राप्त होता है। यह व्रत भगवान विष्णु की कृपा पाने और जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना के लिए किया जाता है।

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