नवरात्रि 2026 कलश स्थापना: सुबह घटस्थापना का मुहूर्त छूट गया? दोपहर से पहले मिलेगा 47 मिनट का शुभ समय
शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व 11 अक्टूबर 2026, रविवार से शुरू हो रहा है। नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है और कलश स्थापना के साथ नौ दिनों के पर्व का शुभारंभ होता है। इस दिन घटस्थापना के लिए सुबह का मुहूर्त महत्वपूर्ण माना गया है। अगर किसी कारणवश सुबह कलश स्थापना नहीं कर पाए हैं, तो अभिजीत मुहूर्त में पूजा का विकल्प भी बताया गया है। हालांकि, सही समय आपके शहर के पंचांग के अनुसार अलग हो सकता है।
नवरात्रि 2026 कलश स्थापना का मुहूर्त
पंचांग संबंधी उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 11 अक्टूबर को दिल्ली में घटस्थापना का सुबह का मुहूर्त 6:19 बजे से 10:12 बजे तक है। इसके बाद अभिजीत मुहूर्त सुबह के समय से अलग, दोपहर के आसपास पड़ता है।
जयपुर के पंचांग में 11 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:37 बजे तक बताया गया है। इस तरह इसकी अवधि 47 मिनट है।
ध्यान दें कि अभिजीत मुहूर्त दोपहर से पहले शुरू होकर दोपहर के बाद तक जा सकता है। इसलिए इसे पूरी तरह दोपहर से पहले का समय बताना सही नहीं होगा।
सुबह का मुहूर्त छूट जाए तो क्या करें?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घटस्थापना के लिए दिन का शुरुआती भाग शुभ माना जाता है। अगर सुबह के निर्धारित समय में कलश स्थापना नहीं हो पाई, तो अभिजीत मुहूर्त को एक वैकल्पिक समय के रूप में देखा जाता है। हालांकि, घटस्थापना के लिए तिथि, स्थानीय पंचांग और पारिवारिक परंपरा का ध्यान रखना चाहिए।
यदि आप जयपुर या राजस्थान के किसी दूसरे शहर में हैं, तो स्थानीय पंचांग या योग्य पुरोहित से समय की पुष्टि कर लें।
कलश स्थापना का धार्मिक महत्व
नवरात्रि में कलश को देवी शक्ति के आह्वान का प्रतीक माना जाता है। पूजा स्थल की सफाई, कलश की स्थापना, जौ बोना और मां दुर्गा की आराधना इस पर्व की प्रमुख परंपराओं में शामिल हैं। अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में पूजा-विधि में कुछ अंतर हो सकता है।
घटस्थापना करते समय रखें इन बातों का ध्यान
- पूजा स्थल को साफ करके कलश स्थापना की तैयारी करें।
- अपने परिवार की परंपरा के अनुसार पूजा सामग्री जुटाएं।
- कलश स्थापना के समय स्थानीय पंचांग में दिए गए शुभ मुहूर्त का ध्यान रखें।
- मां दुर्गा की पूजा श्रद्धा और अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार करें।

