Navratri 2026: इस बार 9 या 10 दिन? जानें शारदीय नवरात्रि की सही तारीखें, तिथियां और 9 देवियों का पूजा कैलेंडर!
नवरात्रि के दौरान घटस्थापना का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कलश स्थापना शुभ मुहूर्त में करना चाहिए। कुछ पंचांगों में चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग के दौरान घटस्थापना से बचने की सलाह दी जाती है। ऐसे में पूजा की तैयारी करने वाले श्रद्धालुओं के लिए शुभ मुहूर्त और तिथियों की जानकारी रखना जरूरी है।
चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग का समय
दी गई पंचांग जानकारी के अनुसार, चित्रा नक्षत्र 10 अक्टूबर 2026 को रात 9 बजकर 42 मिनट पर शुरू होगा और 11 अक्टूबर को रात 10 बजकर 32 मिनट पर समाप्त होगा।
वहीं, वैधृति योग 10 अक्टूबर को रात 10 बजकर 2 मिनट पर आरंभ होगा और 11 अक्टूबर को रात 9 बजकर 5 मिनट पर समाप्त होगा।
धार्मिक परंपराओं के अनुसार, घटस्थापना के लिए शुभ मुहूर्त का चयन पंचांग देखकर करना चाहिए। अलग-अलग स्थानों पर सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के आधार पर मुहूर्त में अंतर हो सकता है।
दुर्गा पूजा कैलेंडर 2026
दुर्गा पूजा को दुर्गोत्सव भी कहा जाता है। यह पर्व मुख्य रूप से पांच दिनों तक मनाया जाता है। इसमें षष्ठी, महासप्तमी, महाष्टमी, महानवमी और विजयादशमी का विशेष महत्व होता है। इस दौरान मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं, पूजा-पंडाल सजाए जाते हैं और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं।
दुर्गा पूजा की प्रमुख तिथियां
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16 अक्टूबर 2026 — षष्ठी पूजा: बिल्व निमंत्रण, कल्पारंभ, अकाल बोधन, आमंत्रण और अधिवास।
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17 अक्टूबर 2026 — सप्तमी पूजा: नवपत्रिका पूजा और कोलाबोऊ पूजा।
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19 अक्टूबर 2026 — अष्टमी पूजा: महाष्टमी, कुमारी पूजा और संधि पूजा।
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20 अक्टूबर 2026 — नवमी पूजा: महानवमी और दुर्गा बलिदान।
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21 अक्टूबर 2026 — विजयादशमी: बंगाल विजयादशमी, दुर्गा विसर्जन और सिंदूर उत्सव।

