इस वर्ष 1 मई को वैशाख पूर्णिमा के अवसर पर पूरे देश में Buddha Purnima मनाई जाएगी। यह दिन बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है, क्योंकि इसी दिन भगवान बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण की स्मृति को श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।
लेकिन सोशल मीडिया और कुछ चर्चाओं में यह दावा किया जा रहा है कि इस बार बुद्ध पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण लग सकता है। इससे लोगों में उत्सुकता और भ्रम दोनों की स्थिति बनी हुई है।
क्या सच में लगेगा चंद्र ग्रहण?
वैज्ञानिक और खगोलीय तथ्यों के अनुसार, 2026 में चंद्र ग्रहण की स्थिति मार्च और अगस्त के आसपास बनती है। खासकर मार्च 2026 में एक महत्वपूर्ण चंद्र ग्रहण दर्ज किया गया था, जबकि अगस्त में भी आंशिक ग्रहण की संभावना बताई गई है।
लेकिन 1 मई 2026 को किसी भी प्रकार के चंद्र ग्रहण की कोई खगोलीय घटना दर्ज नहीं है। यानी इस दिन चंद्रमा पर पृथ्वी की छाया पड़ने की कोई स्थिति नहीं बन रही है।
बुद्ध पूर्णिमा और ग्रहण का संबंध
बुद्ध पूर्णिमा हमेशा वैशाख माह की पूर्णिमा तिथि पर मनाई जाती है और यह दिन चंद्रमा की पूर्ण अवस्था का प्रतीक होता है। इसलिए कई बार लोगों को लगता है कि पूर्णिमा का मतलब ग्रहण से जुड़ा हो सकता है, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है।
चंद्र ग्रहण एक वैज्ञानिक घटना है, जो तब होती है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आकर चंद्रमा पर अपनी छाया डालती है। यह प्रक्रिया केवल विशेष खगोलीय संरेखण में होती है, जो हर पूर्णिमा पर नहीं होता।
अफवाहों से बचें
विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर फैल रही ऐसी खबरें अक्सर बिना पुष्टि के होती हैं। किसी भी ग्रहण या खगोलीय घटना की सटीक जानकारी केवल आधिकारिक खगोलीय संस्थानों और पंचांग से ही लेनी चाहिए।

