घर के नॉर्थ-ईस्ट (ईशान कोण) में रखें ये 5 शुभ चीजें, वास्तु के अनुसार बढ़ सकती है सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा
वास्तु शास्त्र में घर की हर दिशा का अपना विशेष महत्व बताया गया है। इनमें सबसे शुभ दिशा उत्तर-पूर्व (नॉर्थ-ईस्ट या ईशान कोण) मानी जाती है। मान्यता है कि यह दिशा देवताओं का स्थान होती है और यहां सकारात्मक ऊर्जा का सबसे अधिक प्रवाह रहता है। यदि इस दिशा का सही उपयोग किया जाए और कुछ शुभ वस्तुएं यहां रखी जाएं, तो घर में सुख-समृद्धि, आर्थिक उन्नति और मानसिक शांति का वातावरण बन सकता है। वहीं इस दिशा में भारी सामान, कूड़ा-कचरा या बेकार वस्तुएं रखने से नकारात्मक प्रभाव पड़ने की भी बात कही जाती है।
आइए जानते हैं कि वास्तु शास्त्र के अनुसार नॉर्थ-ईस्ट दिशा में कौन-सी 5 चीजें रखना शुभ माना जाता है।
1. पूजा घर या भगवान की मूर्तियां
ईशान कोण को पूजा-पाठ के लिए सबसे उपयुक्त स्थान माना जाता है। इस दिशा में मंदिर या भगवान की प्रतिमा स्थापित करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। ध्यान रखें कि पूजा स्थल हमेशा साफ-सुथरा और व्यवस्थित रहे।
2. तांबे या मिट्टी के पात्र में जल
वास्तु के अनुसार उत्तर-पूर्व दिशा जल तत्व का प्रतिनिधित्व करती है। इसलिए इस दिशा में तांबे या मिट्टी के पात्र में स्वच्छ जल रखना शुभ माना जाता है। यदि संभव हो तो यहां छोटा जल पात्र या फव्वारा भी लगाया जा सकता है, लेकिन उसका पानी हमेशा साफ रहना चाहिए।
3. तुलसी का पौधा
तुलसी को हिंदू धर्म में बेहद पवित्र माना गया है। यदि घर की उत्तर-पूर्व दिशा में पर्याप्त धूप आती है, तो वहां तुलसी का पौधा रखना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और वातावरण भी शुद्ध होता है।
4. क्रिस्टल बॉल या स्फटिक
वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार ईशान कोण में स्फटिक (क्रिस्टल) रखना सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने में सहायक माना जाता है। साफ और पारदर्शी क्रिस्टल इस दिशा की ऊर्जा को संतुलित रखने का प्रतीक माना जाता है।
5. शंख
शंख को शुभता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। उत्तर-पूर्व दिशा में शंख रखने और नियमित रूप से उसका पूजन करने की परंपरा भी कई घरों में देखने को मिलती है। मान्यता है कि शंख की ध्वनि नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में सहायक होती है।
इन बातों का भी रखें ध्यान
- उत्तर-पूर्व दिशा में भारी फर्नीचर या स्टोर रूम बनाने से बचें।
- इस हिस्से को हमेशा साफ, खुला और रोशनी वाला रखें।
- यहां कूड़ेदान, टूटा हुआ सामान या अनुपयोगी वस्तुएं न रखें।
- यदि संभव हो तो इस दिशा में प्राकृतिक प्रकाश और ताजी हवा का प्रवेश बना रहने दें।

