Samachar Nama
×

दिवाली की रात इतने समय तक खुला रखें घर का मुख्य दरवाजा, मां लक्ष्मी और कुबेर के आगमन से जुड़ी है मान्यता

दिवाली की रात इतने समय तक खुला रखें घर का मुख्य दरवाजा, मां लक्ष्मी और कुबेर के आगमन से जुड़ी है मान्यता

दिवाली का त्योहार पूरे देश में धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दिवाली की रात मां लक्ष्मी अपने भक्तों के घर आती हैं और उन्हें सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। यही वजह है कि लोग दिवाली पर अपने घरों की साफ-सफाई करते हैं, रंगोली बनाते हैं और दीपक जलाकर घर को रोशन करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दिवाली की रात घर का मुख्य दरवाजा खुला रखने की भी एक विशेष परंपरा है? ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, दिवाली पर मुख्य द्वार खुला रखने से मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर के घर में आगमन का मार्ग प्रशस्त होता है।

ज्योतिषी चंद्रेश शर्मा के अनुसार, दिवाली की रात घर का मुख्य द्वार कुछ विशेष समय तक खुला रखना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है और नकारात्मकता दूर रहती है। आइए जानते हैं दिवाली पर मुख्य दरवाजा खुला रखने से जुड़ी धार्मिक मान्यता और इसका सही समय।

प्रदोष काल से निशीथ काल तक द्वार खुला रखना शुभ

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दिवाली की शाम प्रदोष काल से लेकर निशीथ काल तक घर का मुख्य द्वार खुला रखना शुभ माना जाता है। प्रदोष काल सूर्यास्त के आसपास का समय होता है, जबकि निशीथ काल मध्यरात्रि के आसपास माना जाता है। इस अवधि में मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है।

मान्यता है कि इस दौरान घर का मुख्य दरवाजा खुला रखने से माता लक्ष्मी के आगमन का रास्ता खुला रहता है। इसी कारण दिवाली की रात कई परिवार अपने घर के मुख्य द्वार को पूरी तरह बंद करने से बचते हैं। हालांकि, यह परंपरा अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में अलग-अलग तरीके से निभाई जाती है।

मुख्य द्वार पर जलाएं दीपक और बनाएं रंगोली

दिवाली पर घर के मुख्य द्वार को विशेष रूप से सजाने की परंपरा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, मुख्य दरवाजे पर दीपक जलाना और सुंदर रंगोली बनाना शुभ माना जाता है। इसके अलावा दरवाजे पर आम या अशोक के पत्तों का तोरण लगाना भी मंगलकारी माना जाता है।

मान्यता है कि मुख्य द्वार घर में ऊर्जा के प्रवेश का स्थान होता है। इसलिए दिवाली पर इसे साफ-सुथरा और रोशनी से भरपूर रखना चाहिए। मुख्य द्वार के दोनों ओर दीपक जलाने से घर का वातावरण सकारात्मक और मंगलमय माना जाता है।

सुरक्षा के लिए दरवाजा बंद करना पड़े तो क्या करें?

आज के समय में घर की सुरक्षा भी बेहद जरूरी है। ऐसे में अगर किसी कारण दिवाली की रात मुख्य दरवाजा खुला रखना संभव नहीं है तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। ज्योतिषी चंद्रेश शर्मा के अनुसार, ऐसी स्थिति में घर के मंदिर या पूजा स्थल पर अखंड दीपक जलाने की परंपरा निभाई जा सकती है।

धार्मिक मान्यता है कि अखंड दीपक जलाने से घर में सकारात्मकता और शुभता बनी रहती है। हालांकि, दीपक जलाते समय आग से सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है। उसे सुरक्षित स्थान पर रखें और बिना निगरानी के न छोड़ें।

दिवाली पर मुख्य द्वार का क्यों है विशेष महत्व?

हिंदू धर्म में मुख्य द्वार को घर का प्रवेश स्थान होने के साथ-साथ शुभता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। यही कारण है कि दिवाली पर लोग मुख्य दरवाजे की सफाई करते हैं, रंगोली बनाते हैं और दीपक जलाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां लक्ष्मी का स्वागत करने के लिए घर को स्वच्छ, सुंदर और रोशनी से भरपूर रखना चाहिए।

ध्यान दें कि मुख्य द्वार खुला रखने और अखंड दीपक जलाने से जुड़ी बातें पारंपरिक धार्मिक एवं ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं। घर की सुरक्षा और आग से बचाव को हमेशा प्राथमिकता देनी चाहिए।

Share this story

Tags