Kanya Pujan Time: अगर नवरात्रि की सप्तमी तिथि को करने वाले हैं कन्या पूजन, तो ये हैं सबसे शुभ मुहूर्त
शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा के साथ कन्या पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। आमतौर पर श्रद्धालु महाष्टमी या महानवमी के दिन छोटी कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनकी पूजा करते हैं और उन्हें भोजन कराते हैं। हालांकि, कुछ परिवार अपनी परंपरा के अनुसार नवरात्रि की सप्तमी तिथि पर भी कन्या पूजन करते हैं।
सप्तमी तिथि कब है?
पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में शारदीय नवरात्रि की सप्तमी तिथि 17 अक्टूबर को सुबह 5:54 बजे से शुरू होकर 18 अक्टूबर को सुबह 8:28 बजे तक रहेगी। इस दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है।
यदि आप सप्तमी पर कन्या पूजन करना चाहते हैं, तो अपने स्थानीय पंचांग और परिवार की परंपरा के अनुसार पूजा का समय तय करें। कन्या पूजन के लिए सप्तमी का कोई एक सर्वमान्य शुभ मुहूर्त सभी क्षेत्रों के लिए निर्धारित नहीं है।
कन्या पूजन की सरल विधि
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सबसे पहले स्नान करके पूजा स्थल को साफ करें।
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मां दुर्गा की पूजा करें और कन्याओं का आदरपूर्वक स्वागत करें।
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कन्याओं के पैर धोकर तिलक लगाएं।
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श्रद्धा के अनुसार भोजन कराएं और फल या दक्षिणा भेंट करें।
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अंत में कन्याओं का आशीर्वाद लें।
अष्टमी और नवमी पर भी होता है कन्या पूजन
उत्तर भारत में कन्या पूजन मुख्य रूप से दुर्गाष्टमी और महानवमी पर किया जाता है। वर्ष 2026 में तिथियों को लेकर अलग-अलग पंचांगों में कुछ अंतर दिखाई दे सकता है, इसलिए पूजा करने से पहले अपने शहर के पंचांग से तिथि और मुहूर्त की पुष्टि करना उचित रहेगा।

