Kamika Ekadashi 2026: कब है कामिका एकादशी? जानें व्रत की तिथि, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में एकादशी व्रत भगवान विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। सावन माह के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली कामिका एकादशी का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत एवं पूजा करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।
कामिका एकादशी 2026 कब है?
वर्ष 2026 में कामिका एकादशी का व्रत 1 अगस्त (शनिवार) को रखा जाएगा। यह सावन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है और भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है।
एकादशी तिथि
- एकादशी तिथि प्रारंभ: 31 जुलाई 2026 को रात्रि
- एकादशी व्रत: 1 अगस्त 2026 (शनिवार)
- पारण: 2 अगस्त 2026 को द्वादशी तिथि में, निर्धारित पारण समय के अनुसार।
व्रत का पालन सामान्यतः उदया तिथि के आधार पर किया जाता है।
कामिका एकादशी का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कामिका एकादशी का व्रत करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यह व्रत पापों से मुक्ति, मानसिक शांति और सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखा जाता है। सावन मास में आने के कारण इसका महत्व और भी बढ़ जाता है।
पूजा विधि
- प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- भगवान विष्णु का गंगाजल से अभिषेक करें।
- पीले पुष्प, तुलसी दल, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें।
- "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करें।
- विष्णु सहस्रनाम या गीता का पाठ करना भी शुभ माना जाता है।
- श्रद्धानुसार दान-पुण्य करें और अगले दिन द्वादशी पर व्रत का पारण करें।
व्रत में क्या करें?
- सात्विक भोजन करें या अपनी परंपरा के अनुसार उपवास रखें।
- क्रोध, असत्य और नकारात्मक विचारों से दूर रहने का प्रयास करें।
- जरूरतमंद लोगों की सहायता और दान करना शुभ माना जाता है।

