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Hariyali Teej Puja Timing: हरियाली तीज पर शिव-पार्वती पूजा का विशेष महत्व, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Hariyali Teej Puja Timing: हरियाली तीज पर शिव-पार्वती पूजा का विशेष महत्व, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

हरियाली तीज हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन का प्रतीक माना जाता है। सुहागिन महिलाएं इस दिन पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से व्रत रखती हैं, जबकि अविवाहित कन्याएं अच्छे जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं।

सावन महीने में आने वाली हरियाली तीज का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व माना गया है। इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं, झूला झूलती हैं और शिव-पार्वती की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।

हरियाली तीज पूजा का शुभ समय

हरियाली तीज पर पूजा के लिए सुबह का समय शुभ माना जाता है। महिलाएं स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की पूजा करती हैं। इसके अलावा शाम के समय भी पूजा और कथा सुनने की परंपरा है।

पूजा के लिए घर में साफ स्थान पर चौकी सजाई जाती है। उस पर लाल या हरे रंग का कपड़ा बिछाकर शिव-पार्वती की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित की जाती है। इसके बाद विधि-विधान से पूजा की जाती है।

हरियाली तीज पूजा विधि

सबसे पहले भगवान शिव और माता पार्वती का ध्यान करें। इसके बाद जल, अक्षत, फूल, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें। माता पार्वती को श्रृंगार की सामग्री जैसे चूड़ी, बिंदी, सिंदूर और वस्त्र अर्पित करना शुभ माना जाता है।

इसके बाद शिव-पार्वती की आरती करें और हरियाली तीज की कथा सुनें। मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया था।

हरियाली तीज का धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हरियाली तीज का व्रत वैवाहिक जीवन में प्रेम और विश्वास बढ़ाने वाला माना जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आने की मान्यता है।

प्रकृति से जुड़े इस पर्व में हरियाली का भी विशेष महत्व होता है। सावन के मौसम में चारों ओर हरियाली होने के कारण महिलाएं हरे रंग के वस्त्र पहनती हैं और वातावरण में उत्साह दिखाई देता है।

पूजा में रखें इन बातों का ध्यान

हरियाली तीज के दिन पूजा करते समय मन को शांत और सकारात्मक रखना चाहिए। व्रत रखने वाले लोगों को अपनी क्षमता के अनुसार नियमों का पालन करना चाहिए। पूजा में श्रद्धा और भक्ति को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।

ध्यान रखें कि त्योहारों से जुड़ी मान्यताएं धार्मिक परंपराओं और आस्थाओं पर आधारित होती हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में पूजा की विधि और परंपराओं में थोड़ा अंतर भी देखने को मिल सकता है।

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