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Guru Rahu Ketu Gochar 2026: साल के आखिरी महीनों में बदलेंगे गुरु, राहु-केतु की चाल, इन राशियों पर पड़ेगा असर

Guru Rahu Ketu Gochar 2026: साल के आखिरी महीनों में बदलेंगे गुरु, राहु-केतु की चाल, इन राशियों पर पड़ेगा असर

साल 2026 के आखिरी महीने ज्योतिषीय दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। इस दौरान देवगुरु बृहस्पति यानी गुरु राशि परिवर्तन करेंगे, जबकि दिसंबर में छाया ग्रह राहु और केतु की चाल में भी बदलाव देखने को मिलेगा। ज्योतिष शास्त्र में इन तीनों ग्रहों की स्थिति को बेहद प्रभावशाली माना जाता है। ऐसे में इनके राशि परिवर्तन का असर सभी 12 राशियों के जीवन पर अलग-अलग तरीके से पड़ सकता है।

31 अक्टूबर को सिंह राशि में जाएंगे गुरु

ज्योतिषीय गणना के अनुसार गुरु 31 अक्टूबर 2026 को कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। गुरु को ज्ञान, शिक्षा, विवाह, संतान, धन, भाग्य और विस्तार का कारक ग्रह माना जाता है। इसलिए गुरु का राशि परिवर्तन करियर, आर्थिक स्थिति, शिक्षा और पारिवारिक जीवन से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है।

गुरु के सिंह राशि में प्रवेश से उन जातकों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद मानी जाती है, जिनकी कुंडली में गुरु की स्थिति अनुकूल है। नौकरी और कारोबार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। वहीं विद्यार्थियों के लिए भी यह समय सकारात्मक रह सकता है।

दिसंबर में राहु-केतु बदलेंगे राशि

साल के अंत में राहु और केतु की चाल भी बदलने वाली है। ज्योतिष में राहु और केतु को छाया ग्रह कहा जाता है। दोनों ग्रह हमेशा एक-दूसरे से लगभग 180 डिग्री की दूरी पर रहते हैं और करीब 18 महीने में राशि परिवर्तन करते हैं।

दिसंबर 2026 में इनके राशि परिवर्तन का असर व्यक्तिगत जीवन के साथ-साथ करियर, आर्थिक स्थिति और मानसिक स्थिति पर भी पड़ सकता है। हालांकि किसी व्यक्ति पर इनका वास्तविक प्रभाव उसकी जन्म कुंडली में ग्रहों की स्थिति पर निर्भर करता है।

किन क्षेत्रों में दिख सकता है असर

गुरु का राशि परिवर्तन शिक्षा, विवाह, धन और करियर से जुड़े मामलों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। वहीं राहु-केतु का प्रभाव अचानक होने वाले बदलाव, भ्रम, महत्वाकांक्षा, आध्यात्मिकता और निर्णय क्षमता से जोड़कर देखा जाता है।

कुछ लोगों के लिए यह समय नए अवसर लेकर आ सकता है, जबकि कुछ राशि वालों को जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचने की सलाह दी जाती है। निवेश और बड़े आर्थिक फैसलों में भी सावधानी बरतना बेहतर माना जा सकता है।

ज्योतिषीय नजरिए से क्यों खास है यह समय

गुरु, राहु और केतु तीनों की चाल में बदलाव एक ही अवधि में होने से 2026 का अंतिम चरण ज्योतिष प्रेमियों के लिए खास हो जाता है। हालांकि ग्रहों के गोचर को लेकर सामान्य भविष्यवाणी सभी लोगों पर समान रूप से लागू नहीं होती। व्यक्ति की जन्म राशि, लग्न और कुंडली में ग्रहों की स्थिति के आधार पर परिणाम अलग हो सकते हैं।

इसलिए 2026 के आखिरी महीनों में होने वाले गुरु और राहु-केतु के राशि परिवर्तनों को ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन गोचर के प्रभावों को समझने के लिए व्यक्तिगत जन्म कुंडली का विश्लेषण अधिक उपयोगी माना जाता है।

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