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Guru Purnima 2026: गुरु पूर्णिमा के दिन भूलकर भी न करें ये काम, जानें व्रत, पूजा और दान से जुड़े नियम

Guru Purnima 2026: गुरु पूर्णिमा के दिन भूलकर भी न करें ये काम, जानें व्रत, पूजा और दान से जुड़े नियम

हिंदू धर्म में गुरु पूर्णिमा का पर्व गुरु के प्रति श्रद्धा और आभार व्यक्त करने का विशेष अवसर माना जाता है। साल 2026 में गुरु पूर्णिमा का पर्व 29 जुलाई, बुधवार को मनाया जाएगा। इस दिन लोग स्नान, व्रत, पूजा-पाठ और दान करके अपने गुरुजनों का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुरु पूर्णिमा के दिन कुछ ऐसे कार्य बताए गए हैं जिन्हें करने से बचना चाहिए। मान्यता है कि इस पवित्र दिन पर संयम, सात्विकता और अच्छे विचारों का पालन करना शुभ फलदायी होता है।

(नोट: ये बातें धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं। इनके परिणामों का कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।)

1. गुरु और बड़ों का अपमान न करें

गुरु पूर्णिमा का दिन गुरु के सम्मान को समर्पित होता है। इस दिन अपने गुरु, माता-पिता और बुजुर्गों का अनादर करने से बचना चाहिए। मान्यता है कि बड़ों का आशीर्वाद जीवन में सफलता और सुख-शांति लाता है।

2. क्रोध और नकारात्मक विचारों से बचें

गुरु पूर्णिमा के दिन मन को शांत रखने की सलाह दी जाती है। इस दिन किसी से विवाद करना, क्रोध करना या गलत शब्दों का प्रयोग करना शुभ नहीं माना जाता।

धार्मिक मान्यता है कि इस दिन सकारात्मक सोच और अच्छे व्यवहार को अपनाना चाहिए।

3. तामसिक भोजन से बचें

कई धार्मिक परंपराओं में गुरु पूर्णिमा के दिन सात्विक भोजन करने की मान्यता है। इस दिन मांसाहार, नशा और तामसिक भोजन से दूरी बनाने की सलाह दी जाती है।

फल, दूध, फलाहार और सात्विक भोजन को शुभ माना जाता है।

4. बिना वजह धन खर्च न करें

गुरु पूर्णिमा के दिन दान का विशेष महत्व बताया गया है, लेकिन दिखावे के लिए खर्च करने से बचना चाहिए। जरूरतमंद लोगों की सहायता करना और सेवा भाव रखना अधिक शुभ माना जाता है।

5. पूजा-पाठ में लापरवाही न करें

मान्यता के अनुसार, गुरु पूर्णिमा पर पूजा और ध्यान करते समय मन को एकाग्र रखना चाहिए। पूजा को केवल औपचारिकता के रूप में करने की बजाय श्रद्धा और विश्वास के साथ करना शुभ माना जाता है।

गुरु पूर्णिमा पर क्या करें?

  • सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • अपने गुरु, माता-पिता और शिक्षकों का सम्मान करें।
  • भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा करें।
  • गुरु मंत्र का जाप करें।
  • जरूरतमंद लोगों को भोजन और वस्तुओं का दान करें।
  • आध्यात्मिक कार्यों में समय बिताएं।

गुरु पूर्णिमा का महत्व

गुरु पूर्णिमा केवल धार्मिक पर्व नहीं बल्कि जीवन में ज्ञान, संस्कार और मार्गदर्शन देने वाले लोगों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन भी माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन गुरु का आशीर्वाद लेने से जीवन में सही दिशा और सफलता प्राप्त होती है।

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