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Gemstone: सफेद पुखराज के साथ खतरनाक है इन 3 रत्नों का कॉम्बिनेशन, होते हैं नुकसान
 

Gemstone: सफेद पुखराज के साथ खतरनाक है इन 3 रत्नों का कॉम्बिनेशन, होते हैं नुकसान

ज्योतिष शास्त्र में पुखराज को गुरु यानी बृहस्पति ग्रह का रत्न माना जाता है। पुखराज मुख्य रूप से पीले रंग का होता है, जबकि सफेद पुखराज को भी गुरु से संबंधित रत्न माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार रत्नों का असर ग्रहों की स्थिति से जुड़ा होता है। इसलिए किसी भी रत्न को दूसरे रत्न के साथ पहनने से पहले दोनों ग्रहों के बीच संबंध को देखना जरूरी माना जाता है।

मान्यता है कि सफेद पुखराज के साथ कुछ रत्नों का संयोजन अनुकूल नहीं होता। ऐसा माना जाता है कि गलत रत्नों को एक साथ धारण करने से व्यक्ति को मानसिक तनाव, आर्थिक परेशानियों या कार्यक्षेत्र में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं वे तीन रत्न कौन से हैं, जिन्हें सफेद पुखराज के साथ पहनने से बचने की सलाह दी जाती है।

1. नीलम के साथ सफेद पुखराज

नीलम को शनि ग्रह का रत्न माना जाता है, जबकि सफेद पुखराज का संबंध गुरु ग्रह से बताया जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं में गुरु और शनि के बीच संबंध को सामान्य नहीं माना जाता। इसलिए दोनों रत्नों को एक साथ धारण करने से पहले कुंडली में दोनों ग्रहों की स्थिति देखना जरूरी बताया जाता है।

बिना ज्योतिषीय सलाह के इन दोनों रत्नों को साथ पहनने से बचना बेहतर माना जाता है।

2. हीरा और सफेद पुखराज

हीरा शुक्र ग्रह का प्रमुख रत्न माना जाता है। शुक्र और गुरु दोनों अलग-अलग ग्रहों का प्रतिनिधित्व करते हैं और ज्योतिष में इनके बीच वैचारिक विरोध की मान्यता है। यही कारण है कि सफेद पुखराज और हीरे को एक साथ पहनने को कई ज्योतिषीय परंपराओं में अनुकूल नहीं माना जाता।

यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में दोनों ग्रह शुभ स्थिति में हों तो स्थिति अलग हो सकती है, इसलिए व्यक्तिगत कुंडली देखना जरूरी माना जाता है।

3. गोमेद के साथ सफेद पुखराज

गोमेद को राहु का रत्न माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार गुरु और राहु के संबंध को अनुकूल नहीं माना जाता। ऐसे में सफेद पुखराज के साथ गोमेद धारण करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेने की बात कही जाती है।

रत्न पहनने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

किसी भी रत्न का चुनाव केवल राशि के आधार पर करना उचित नहीं माना जाता। जन्म तारीख, जन्म समय और जन्म स्थान के आधार पर बनी कुंडली में ग्रहों की स्थिति, उनकी दशा और आपसी संबंधों का विश्लेषण किया जाता है। इसके बाद ही रत्न धारण करने की सलाह दी जाती है।

इसलिए सफेद पुखराज या किसी अन्य रत्न को पहनने से पहले योग्य ज्योतिष विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। विशेष रूप से एक से अधिक रत्न पहनने की स्थिति में ग्रहों की अनुकूलता का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है।

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