Ganesh Jayanti 2026: माघी गणेश चतुर्थी पर करें गणेश द्वादश नाम स्तोत्र का पाठ, विघ्नहर्ता की कृपा से पूर्ण होंगी मनोकामनाएं
सनातन धर्म में गणेश जयंती का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यह दिन प्रथम पूज्य भगवान श्रीगणेश की आराधना को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यता है कि इस पावन अवसर पर विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा करने और गणेश द्वादश नाम स्तोत्र का श्रद्धापूर्वक पाठ करने से जीवन के सभी विघ्न दूर होते हैं तथा सुख, समृद्धि और सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
भगवान गणेश को विघ्नहर्ता, सिद्धिविनायक, लंबोदर, गजानन और मंगलमूर्ति जैसे अनेक नामों से पूजा जाता है। मान्यता है कि किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत उनसे करने पर कार्य सफल होता है और बाधाएं दूर होती हैं। इसलिए गणेश जयंती के दिन गणेश द्वादश नाम स्तोत्र का पाठ अत्यंत शुभ माना गया है।
गणेश द्वादश नाम स्तोत्र
प्रथमं वक्रतुण्डं च एकदन्तं द्वितीयकम्।
तृतीयं कृष्णपिङ्गाक्षं गजवक्त्रं चतुर्थकम्॥
लम्बोदरं पञ्चमं च षष्ठं विकटमेव च।
सप्तमं विघ्नराजेन्द्रं धूम्रवर्णं तथाष्टमम्॥
नवमं भालचन्द्रं च दशमं तु विनायकम्।
एकादशं गणपतिं द्वादशं तु गजाननम्॥
द्वादशैतानि नामानि त्रिसन्ध्यं यः पठेन्नरः।
न च विघ्नभयं तस्य सर्वसिद्धिकरं प्रभो॥
गणेश द्वादश नाम स्तोत्र का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस स्तोत्र में भगवान गणेश के बारह दिव्य नामों का उल्लेख है। श्रद्धा और भक्ति के साथ इसका पाठ करने से भगवान गणेश की कृपा प्राप्त होती है तथा जीवन की बाधाओं को दूर करने, ज्ञान, बुद्धि और विवेक की प्राप्ति तथा शुभ कार्यों में सफलता की कामना की जाती है।
गणेश जयंती पर पूजा विधि
- प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक और धूप जलाएं।
- दूर्वा, लाल पुष्प, सिंदूर और मोदक अर्पित करें।
- "ॐ गं गणपतये नमः" मंत्र का जाप करें।
- श्रद्धापूर्वक गणेश द्वादश नाम स्तोत्र का पाठ करें।
- अंत में गणेश जी की आरती कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की प्रार्थना करें।
धार्मिक मान्यता
धार्मिक मान्यता है कि गणेश जयंती के दिन भगवान श्रीगणेश की आराधना और गणेश द्वादश नाम स्तोत्र का पाठ करने से विघ्नों का नाश होता है तथा सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। हालांकि, ये मान्यताएं हिंदू धर्मग्रंथों और पारंपरिक आस्था पर आधारित हैं। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और विश्वास के अनुसार इनका पालन करते हैं।

