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Ganesh Chaturthi 2026: गणेशोत्सव के हर दिन चढ़ाएं अलग प्रसाद, जानिए मोदक से महाप्रसाद तक की पूरी लिस्ट

Ganesh Chaturthi 2026: गणेशोत्सव के हर दिन चढ़ाएं अलग प्रसाद, जानिए मोदक से महाप्रसाद तक की पूरी लिस्ट

गणेश चतुर्थी हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस दौरान भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा की जाती है और उन्हें तरह-तरह के भोग अर्पित किए जाते हैं। गणेश उत्सव आमतौर पर 10 दिनों तक चलता है और इन दिनों भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार घर पर अलग-अलग तरह के प्रसाद तैयार करके बप्पा को अर्पित करते हैं।

मान्यता है कि भगवान गणेश को श्रद्धा और प्रेम से अर्पित किया गया प्रसाद विशेष महत्व रखता है। अगर आप भी गणेश उत्सव के दौरान हर दिन बप्पा को अलग-अलग भोग लगाना चाहते हैं, तो यहां 10 दिनों के लिए प्रसाद के कुछ विकल्प दिए गए हैं।

पहले दिन चढ़ाएं मोदक

गणेश उत्सव के पहले दिन भगवान गणेश को मोदक का भोग लगाया जा सकता है। गुड़ और नारियल से तैयार किए गए मोदक गणपति पूजा में विशेष रूप से लोकप्रिय हैं। आप घर पर अपनी सुविधा के अनुसार मोदक बनाकर बप्पा को अर्पित कर सकते हैं।

दूसरे दिन लड्डू का भोग

दूसरे दिन भगवान गणेश को बूंदी या बेसन के लड्डू का भोग लगाया जा सकता है। गणपति पूजा में लड्डू का प्रसाद काफी प्रचलित है और इसे आसानी से घर पर भी तैयार किया जा सकता है।

तीसरे दिन नारियल का प्रसाद

तीसरे दिन बप्पा को ताजा नारियल या नारियल से बनी किसी मिठाई का भोग अर्पित कर सकते हैं। हिंदू धार्मिक परंपराओं में नारियल को शुभ और पवित्र माना जाता है।

चौथे दिन लगाएं फलों का भोग

चौथे दिन भगवान गणेश को केले, सेब, अनार, अंगूर जैसे फलों की थाली अर्पित की जा सकती है। यह प्रसाद तैयार करने में भी ज्यादा समय नहीं लगता और इसे बिना पकाए आसानी से चढ़ाया जा सकता है।

पांचवें दिन खीर

गणेश उत्सव के पांचवें दिन बप्पा को दूध से बनी खीर का भोग लगाया जा सकता है। चावल, दूध, चीनी और मेवों से तैयार की गई खीर पारंपरिक प्रसाद में शामिल है और इसे श्रद्धापूर्वक भगवान गणेश को अर्पित किया जा सकता है।

छठे दिन पूरन पोली

छठे दिन भगवान गणेश को पूरन पोली का भोग लगाने की परंपरा कई जगहों पर देखने को मिलती है। इसे आमतौर पर चने की दाल और गुड़ से तैयार किया जाता है। घर पर बनाई गई पूरन पोली को बप्पा को भोग के रूप में अर्पित किया जा सकता है।

सातवें दिन सूजी का हलवा

सातवें दिन घी, सूजी और चीनी से तैयार सूजी के हलवे का भोग लगाया जा सकता है। यह प्रसाद बनाने में आसान है और कम समय में तैयार हो जाता है।

आठवें दिन सूखे मेवों का भोग

आठवें दिन भगवान गणेश को बादाम, काजू, किशमिश और खजूर जैसे सूखे मेवों का भोग अर्पित कर सकते हैं। इन्हें एक साथ मिलाकर प्रसाद के रूप में चढ़ाया जा सकता है।

नौवें दिन पेड़ा या दूध की मिठाई

गणेश उत्सव के नौवें दिन बप्पा को पेड़ा या दूध से बनी किसी पारंपरिक मिठाई का भोग लगाया जा सकता है। श्रद्धा के साथ तैयार किया गया यह प्रसाद पूजा में अर्पित किया जा सकता है।

दसवें दिन लगाएं महाप्रसाद

गणेश उत्सव के अंतिम यानी दसवें दिन भगवान गणेश को अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार पारंपरिक भोजन का भोग लगाया जा सकता है। इसमें पूड़ी, सब्जी, खीर, मिठाई और फल जैसी चीजें शामिल की जा सकती हैं।

गणेश उत्सव के दौरान सबसे महत्वपूर्ण बात श्रद्धा और भक्ति है। भोग में क्या चढ़ाया जाए, यह अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रीय परंपराओं के अनुसार भी अलग हो सकता है। इसलिए अपनी पारिवारिक परंपरा और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार प्रसाद तैयार करके बप्पा को अर्पित करें।

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