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दशहरा 2026 वाहन पूजा मुहूर्त: कार-बाइक की पूजा कब करें, जानें शुभ समय और विधि
 

दशहरा 2026 वाहन पूजा मुहूर्त: कार-बाइक की पूजा कब करें, जानें शुभ समय और विधि

दशहरा यानी विजयादशमी का पर्व इस साल 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को मनाया जाएगा। हिंदू धर्म में इस दिन को बुराई पर अच्छाई की जीत और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। दशहरे पर शस्त्र पूजा के साथ-साथ कार, बाइक, स्कूटी और अन्य वाहनों की पूजा करने की भी परंपरा है। मान्यता है कि इस दिन वाहन की पूजा करने से सुख-समृद्धि और सुरक्षित यात्रा की कामना की जाती है। अगर आप भी दशहरे पर अपनी गाड़ी की पूजा करने की तैयारी कर रहे हैं, तो जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा सामग्री और पूरी विधि।

दशहरा 2026 वाहन पूजा का शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, विजयादशमी पर वाहन पूजा के लिए विजय मुहूर्त को शुभ माना जाता है। जयपुर के पंचांग के मुताबिक, 20 अक्टूबर को विजय मुहूर्त दोपहर लगभग 2:06 बजे से 2:51 बजे तक रहेगा। इस दौरान कार, बाइक और अन्य वाहनों की पूजा की जा सकती है।

  • दशहरा: 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार

  • विजय मुहूर्त: दोपहर 2:06 बजे से 2:51 बजे तक

  • पूजा का स्थान: घर के बाहर या किसी साफ और सुरक्षित जगह पर

ध्यान रखें कि पूजा के मुहूर्त में शहर के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। दूसरे शहर में रहने वाले लोग अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार समय देख लें।

वाहन पूजा के लिए जरूरी सामग्री

कार या बाइक की पूजा करने के लिए बहुत अधिक सामग्री की जरूरत नहीं होती। आप घर में मौजूद सामान्य पूजा सामग्री से विधि पूरी कर सकते हैं।

  • रोली या कुमकुम

  • हल्दी और अक्षत यानी साबुत चावल

  • फूल और फूलों की माला

  • धूप और दीपक

  • मौली या कलावा

  • नारियल

  • फल या मिठाई का प्रसाद

  • साफ पानी

दशहरे पर कार-बाइक की पूजा कैसे करें?

1. वाहन की सफाई करें

सबसे पहले अपनी कार, बाइक या स्कूटी को अच्छी तरह साफ कर लें। वाहन को किसी ऐसी जगह खड़ा करें, जहां पूजा करते समय यातायात में बाधा न हो और आग या दीपक से कोई खतरा न हो।

2. भगवान गणेश का स्मरण करें

पूजा की शुरुआत भगवान गणेश का स्मरण करके करें। उनसे अपने काम में आने वाली बाधाओं को दूर करने और यात्रा को सुरक्षित बनाए रखने की प्रार्थना करें।

3. तिलक लगाकर फूल चढ़ाएं

वाहन के आगे वाले हिस्से पर रोली या कुमकुम से तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत और फूल चढ़ाएं। चाहें तो वाहन पर फूलों की माला डाल सकते हैं। कुछ परिवार वाहन की चाबी पर भी तिलक लगाकर पूजा करते हैं।

4. धूप-दीप दिखाकर प्रार्थना करें

वाहन के सामने धूप-दीप दिखाएं और सुखद, सुरक्षित यात्रा की कामना करें। पूजा के दौरान यह ध्यान रखें कि जलता हुआ दीपक वाहन के पेट्रोल टैंक, सीट, टायर या किसी ज्वलनशील हिस्से के पास न रखें।

5. प्रसाद चढ़ाएं और बांटें

पूजा के अंत में फल या मिठाई का प्रसाद चढ़ाएं और परिवार के सदस्यों में बांट दें। यदि आपके परिवार में नारियल चढ़ाने की परंपरा है, तो उसका पालन भी कर सकते हैं।

वाहन के पहियों के नीचे नींबू रखने की क्या है परंपरा?

दशहरे पर कुछ लोग वाहन पूजा के दौरान पहियों के नीचे नींबू रखते हैं और वाहन को आगे बढ़ाकर उसे कुचलते हैं। कुछ क्षेत्रों में इसे नजर दोष से बचाव और शुभ शुरुआत की मान्यता से जोड़ा जाता है। हालांकि, यह हर जगह अपनाई जाने वाली अनिवार्य धार्मिक परंपरा नहीं है।

अगर आप ऐसा करते हैं, तो पहले आसपास की जगह और यातायात की स्थिति का ध्यान रखें। सार्वजनिक सड़क पर नींबू रखकर वाहन चलाना दुर्घटना का कारण बन सकता है, इसलिए इस तरह की रस्म सड़क पर न करें।

दशहरे पर वाहन पूजा का क्या है महत्व?

दशहरे पर शस्त्रों, औजारों और आजीविका से जुड़े साधनों की पूजा करने की परंपरा है। वाहन भी रोजमर्रा के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए कई लोग विजयादशमी पर अपनी गाड़ी की पूजा करके उसके प्रति आभार जताते हैं और परिवार की सुरक्षा तथा सुख-समृद्धि की प्रार्थना करते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ वाहन की नियमित सर्विसिंग, ब्रेक और टायर की जांच, हेलमेट का इस्तेमाल तथा यातायात नियमों का पालन करना भी जरूरी है। पूजा के साथ इन सावधानियों को अपनाकर दशहरे को सुरक्षित और शुभ बनाया जा सकता है।

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