Diwali 2026: दिवाली पर घर के मेन गेट पर क्यों बनाए जाते हैं मां लक्ष्मी के चरण चिह्न? जानें धार्मिक महत्व और वास्तु से जुड़ी मान्यताएं
दीपावली हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। दिवाली के मौके पर लोग अपने घरों की साफ-सफाई करते हैं, दीपक जलाते हैं और मुख्य द्वार को फूलों व रंगोली से सजाते हैं। इसी दौरान कई घरों के मेन गेट पर मां लक्ष्मी के चरण चिह्न भी बनाए जाते हैं या उनके स्टीकर लगाए जाते हैं।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां लक्ष्मी के ये पदचिह्न घर में उनके आगमन, धन-धान्य, सुख-समृद्धि और सौभाग्य के प्रतीक माने जाते हैं। वास्तु विशेषज्ञ और एस्ट्रो इंफ्लुएंसर राशि गौर ने भी अपने सोशल मीडिया वीडियो में मुख्य द्वार की साफ-सफाई और मां लक्ष्मी के चरण चिह्नों के महत्व के बारे में बताया है।
वास्तु शास्त्र में मुख्य द्वार क्यों माना जाता है खास?
वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। इसे घर में प्रवेश का प्रमुख रास्ता होने के साथ-साथ शुभता और सकारात्मकता से भी जोड़ा जाता है।वास्तु विशेषज्ञ राशि गौर के अनुसार, घर के मुख्य द्वार की दिशा पर ध्यान देने से पहले उसकी साफ-सफाई और व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए। दरवाजे के आसपास गंदगी, बिखरा हुआ सामान और अनावश्यक चीजें नहीं होनी चाहिए। साथ ही, मुख्य द्वार का सही तरीके से खुलना और बंद होना भी जरूरी माना जाता है।यही वजह है कि दिवाली से पहले लोग घर के प्रवेश द्वार की विशेष सफाई करते हैं और उसे सजाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि साफ-सुथरा और सुंदर मुख्य द्वार घर में सुख-समृद्धि और शुभता का स्वागत करने का प्रतीक है।
मां लक्ष्मी के चरण चिह्न घर के अंदर की ओर क्यों बनाए जाते हैं?
दिवाली पर मुख्य द्वार के पास मां लक्ष्मी के पैरों के निशान बनाने की परंपरा कई घरों में निभाई जाती है। इन्हें आमतौर पर इस तरह बनाया जाता है कि चरण चिह्न घर के अंदर की ओर जाते हुए दिखाई दें।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करना मां लक्ष्मी के घर में आगमन का प्रतीक माना जाता है। लोग विश्वास करते हैं कि इससे घर में धन-धान्य, सुख-शांति और सौभाग्य का स्वागत होता है।हालांकि, ये धार्मिक और पारंपरिक मान्यताएं हैं। इनके प्रभाव को वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं माना जाता। फिर भी, दिवाली पर चरण चिह्न बनाने की परंपरा लोगों की आस्था और त्योहार से जुड़ी भावनाओं का अहम हिस्सा है।
दिवाली पर मुख्य द्वार सजाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप भी इस दिवाली अपने घर के मेन गेट पर मां लक्ष्मी के चरण चिह्न बनाने की तैयारी कर रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रख सकते हैं।
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मुख्य द्वार की सफाई करें: दरवाजे और उसके आसपास की जगह को अच्छी तरह साफ करें।
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बेकार सामान हटाएं: प्रवेश द्वार के पास जूते-चप्पल, कचरा या अनावश्यक सामान बिखरा न रहने दें।
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मां लक्ष्मी के चरण चिह्न बनाएं: अपनी परंपरा और आस्था के अनुसार रंगोली, रंग या स्टीकर से पदचिह्न बना सकते हैं।
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रंगोली से सजावट करें: मुख्य द्वार के पास सुंदर रंगोली बनाकर त्योहार की रौनक बढ़ाएं।
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फूल और दीपक लगाएं: ताजे फूलों और पारंपरिक दीपकों से प्रवेश द्वार को आकर्षक बनाया जा सकता है। दीपक को सुरक्षित स्थान पर रखें।
दिवाली पर साफ-सफाई और सजावट का क्या है महत्व?
दिवाली को रोशनी, खुशियों और नई शुरुआत का त्योहार माना जाता है। इस अवसर पर घर की सफाई करना, दीपक जलाना और पूजा करना भारतीय परंपरा का हिस्सा है। मां लक्ष्मी के चरण चिह्न भी इसी आस्था से जुड़े हैं।इसलिए दिवाली पर मुख्य द्वार को साफ-सुथरा रखना और श्रद्धा के साथ सजाना शुभ माना जाता है। आप चाहें तो अपनी पसंद और पारिवारिक परंपरा के अनुसार रंगोली, फूलों और दीपकों से घर के प्रवेश द्वार को सजा सकते हैं।

