Diwali 2026 Lakshmi Puja: 8 नवंबर को होगी दिवाली, जयपुर में शाम 6:03 से 7:59 बजे तक पूजा का शुभ समय
दीपावली 2026 को लेकर देशभर में तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस साल रोशनी का महापर्व 8 नवंबर, रविवार को मनाया जाएगा। दीपावली की शाम मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और दीप जलाने से घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है।जयपुर के लोगों के लिए इस बार लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 6 बजकर 3 मिनट से लेकर 7 बजकर 59 मिनट तक रहेगा। यानी भक्तों को पूजा के लिए कुल 1 घंटा 56 मिनट का समय मिलेगा। पंचांग के अनुसार, यह समय प्रदोष काल और वृषभ काल का विशेष संयोग है। ऐसे में अगर आप जयपुर में रहते हैं और दीपावली की पूजा की तैयारी कर रहे हैं, तो अभी से शुभ मुहूर्त और पूजा सामग्री की व्यवस्था कर सकते हैं।
8 नवंबर को मनाई जाएगी दीपावली 2026
हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल कार्तिक महीने की अमावस्या तिथि को दीपावली का त्योहार मनाया जाता है। साल 2026 में अमावस्या तिथि 8 नवंबर को सुबह 11:27 बजे शुरू होगी और 9 नवंबर को दोपहर 12:31 बजे समाप्त होगी।
चूंकि 8 नवंबर की शाम को प्रदोष काल के दौरान अमावस्या तिथि रहेगी, इसलिए इसी दिन दीपावली और मां लक्ष्मी की पूजा की जाएगी।
इस दिन लोग अपने घरों की साफ-सफाई करते हैं, रंगोली बनाते हैं, दीपक जलाते हैं और मां लक्ष्मी के स्वागत के लिए घर को सजाते हैं।
जयपुर में लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त
जयपुर में रहने वाले श्रद्धालुओं के लिए लक्ष्मी पूजा का मुख्य शुभ समय इस प्रकार है:
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दीपावली की तारीख: 8 नवंबर 2026, रविवार
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लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: शाम 6:03 बजे से 7:59 बजे तक
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पूजा की कुल अवधि: 1 घंटा 56 मिनट
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प्रदोष काल: शाम 5:40 बजे से रात 8:16 बजे तक
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वृषभ काल: शाम 6:03 बजे से 7:59 बजे तक
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अमावस्या तिथि प्रारंभ: 8 नवंबर सुबह 11:27 बजे
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अमावस्या तिथि समाप्त: 9 नवंबर दोपहर 12:31 बजे
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष काल में स्थिर लग्न के दौरान मां लक्ष्मी की पूजा करना शुभ माना जाता है। जयपुर में वृषभ काल और लक्ष्मी पूजा का मुख्य मुहूर्त एक ही समय पर पड़ रहा है।
प्रदोष काल और वृषभ काल का क्या है धार्मिक महत्व?
दीपावली पर मां लक्ष्मी की पूजा के लिए प्रदोष काल को विशेष महत्व दिया जाता है। यह सूर्यास्त के आसपास का समय होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दौरान मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
वहीं वृषभ लग्न को स्थिर लग्न माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, स्थिर लग्न में लक्ष्मी पूजन करने से घर में धन और समृद्धि स्थायी रहने की कामना की जाती है।
इसी वजह से जयपुर में शाम 6:03 से 7:59 बजे तक का समय गृहस्थ परिवारों के लिए मुख्य लक्ष्मी पूजा मुहूर्त माना गया है।
लक्ष्मी पूजा के लिए पहले से तैयार रखें ये सामग्री
दीपावली की शाम पूजा के समय किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए जरूरी सामग्री पहले से तैयार कर लेना बेहतर है।
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मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा या तस्वीर।
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लाल या पीला कपड़ा और पूजा की चौकी।
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रोली, कुमकुम, अक्षत और हल्दी।
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फूल, माला और कमल का फूल।
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धूप, अगरबत्ती और घी का दीपक।
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फल, मिठाई, बताशे और नारियल।
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कलश, सुपारी और पान के पत्ते।
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पूजा के लिए थाली और आरती की पुस्तक।
पूजा सामग्री परिवार की परंपरा और पंडित की सलाह के अनुसार रखी जा सकती है।
दीपावली पर कैसे करें मां लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा?
दीपावली की शाम घर के पूजा स्थल को साफ करके वहां चौकी स्थापित करें। चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा रखें।
इसके बाद भगवान गणेश का ध्यान करके पूजा शुरू करें। उन्हें तिलक, अक्षत और फूल अर्पित करें। फिर मां लक्ष्मी की पूजा करें और उन्हें फूल, मिठाई, फल तथा अन्य प्रसाद चढ़ाएं।
इसके बाद धूप और दीप जलाकर मां लक्ष्मी की आरती करें। परिवार के सभी सदस्य मिलकर भगवान गणेश और मां लक्ष्मी से सुख, शांति और समृद्धि की कामना करें।
पूजा के बाद घर के मुख्य द्वार, आंगन और मंदिर में दीपक जलाने की परंपरा है।
जयपुर के अलावा दूसरे शहरों में कब होगा लक्ष्मी पूजन?
दीपावली पर लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त हर शहर में एक जैसा नहीं होता। स्थानीय सूर्योदय, सूर्यास्त और पंचांग की गणना के अनुसार समय में अंतर हो सकता है।
इस साल 8 नवंबर 2026 के लिए प्रमुख शहरों में लक्ष्मी पूजा के समय इस प्रकार बताए गए हैं:
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जयपुर: शाम 6:03 से 7:59 बजे तक
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दिल्ली: शाम 5:54 से 7:50 बजे तक
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मुंबई: शाम 6:27 से 8:27 बजे तक
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अहमदाबाद: शाम 6:22 से 8:20 बजे तक
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कोलकाता: शाम 5:20 से 7:18 बजे तक
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चेन्नई: शाम 6:07 से 8:09 बजे तक
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बेंगलुरु: शाम 6:17 से 8:20 बजे तक
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हैदराबाद: शाम 6:07 से 8:08 बजे तक
इसलिए पूजा करने से पहले अपने शहर का स्थानीय पंचांग जरूर देख लें।
दीपावली 2026 के पांच दिनों का त्योहार कैलेंडर
दीपावली का पर्व कई दिनों तक चलता है। धनतेरस से शुरू होकर भाई दूज तक अलग-अलग धार्मिक परंपराएं निभाई जाती हैं।
| त्योहार | तारीख |
|---|---|
| धनतेरस | 6 नवंबर 2026 |
| छोटी दीपावली | 7 नवंबर 2026 |
| दीपावली और लक्ष्मी पूजा | 8 नवंबर 2026 |
| गोवर्धन पूजा | 10 नवंबर 2026 |
| भाई दूज | 11 नवंबर 2026 |
दीपावली पर मां लक्ष्मी की पूजा क्यों है खास?
हिंदू धर्म में मां लक्ष्मी को धन, वैभव और सुख-समृद्धि की देवी माना जाता है। दीपावली की अमावस्या की रात उनकी पूजा करने की विशेष परंपरा है। धार्मिक मान्यता है कि मां लक्ष्मी स्वच्छता, सकारात्मकता और अच्छे आचरण वाले स्थान पर निवास करती हैं।
यही वजह है कि दीपावली से पहले लोग घरों और दुकानों की सफाई करते हैं। व्यापारी अपने नए बहीखातों की पूजा करते हैं और परिवार के लोग एक साथ बैठकर मां लक्ष्मी से अच्छे भविष्य की कामना करते हैं।

