सावन मास के समापन पर शिवालयों में श्रद्धा और भक्ति का विशेष माहौल देखने को मिला। सुबह से ही भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचे। मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से गूंजते रहे। भक्तों ने विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। इस पूरे महीने शिवभक्त उपवास, जलाभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। सावन के अंतिम दिन भी श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिला। कई मंदिरों में भोर से ही भक्तों की कतार लगनी शुरू हो गई थी। श्रद्धालु हाथों में पूजा की थाली और गंगाजल लेकर मंदिर पहुंचे और अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।
जल, दूध और बेलपत्र से किया अभिषेक
शिवालयों में पहुंचे भक्तों ने भगवान शिव के शिवलिंग पर जल, दूध और गंगाजल अर्पित किया। इसके बाद बेलपत्र, फूल, धतूरा, आक और फल चढ़ाकर पूजा की गई। कई मंदिरों में विशेष रुद्राभिषेक और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन भी किया गया। मंदिरों में मंत्रोच्चार और घंटियों की आवाज से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
महिलाओं के साथ बड़ी संख्या में युवा और बुजुर्ग भी भगवान शिव की आराधना करते नजर आए। कई श्रद्धालुओं ने सावन के अंतिम दिन भगवान भोलेनाथ के दर्शन को विशेष सौभाग्य माना और पूजा के बाद परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
मंदिरों में लगी लंबी कतारें
सावन के समापन के मौके पर प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की गईं। कई स्थानों पर मंदिर समितियों और स्थानीय लोगों ने भक्तों को कतारबद्ध तरीके से दर्शन कराने की व्यवस्था संभाली। मंदिरों के आसपास फूल, बेलपत्र, प्रसाद और पूजा सामग्री की दुकानें भी सजी रहीं।
भक्तों की भीड़ के बीच लगातार हर-हर महादेव के जयकारे सुनाई देते रहे। कुछ स्थानों पर श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से शिव चालीसा और भजन-कीर्तन भी किए। इससे मंदिरों और आसपास के क्षेत्रों का माहौल पूरी तरह शिवमय नजर आया।
भक्ति के साथ हुआ सावन का समापन
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन में भगवान शिव की पूजा करने से भक्तों को विशेष फल की प्राप्ति होती है। इसी आस्था के साथ श्रद्धालुओं ने पूरे महीने भोलेनाथ की आराधना की और अंतिम दिन भी श्रद्धा के साथ पूजा कर सावन को विदाई दी।
सावन मास के समापन पर शिवालयों में उमड़ी भीड़ ने भगवान शिव के प्रति लोगों की गहरी आस्था को दिखाया। सुबह से लेकर दिनभर मंदिरों में पूजा-अर्चना का सिलसिला चलता रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर मनोकामना मांगी और महादेव के जयकारों के बीच सावन मास का समापन किया।

