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विश्वकर्मा पूजा से पहले साफ-सफाई: पुराने औजार, खराब मशीन और इलेक्ट्रॉनिक सामान रखें या हटाएं? जानें नियम

विश्वकर्मा पूजा से पहले साफ-सफाई: पुराने औजार, खराब मशीन और इलेक्ट्रॉनिक सामान रखें या हटाएं? जानें नियम

विश्वकर्मा पूजा से पहले फैक्टरी, दुकान, गैराज और घरों में साफ-सफाई का काम शुरू हो जाता है। भगवान विश्वकर्मा को निर्माण, शिल्प और मशीनों का देवता माना जाता है। यही वजह है कि इस दिन लोग अपने काम से जुड़े औजारों, मशीनों और उपकरणों की पूजा करते हैं। पूजा से पहले मशीनों की सफाई और सजावट की जाती है। इसी दौरान कई बार घर या कार्यस्थल पर पड़े पुराने सामान को लेकर असमंजस की स्थिति बन जाती है।

सफाई के दौरान कहीं पुराना हथौड़ा मिल जाता है, तो कहीं मशीन का खराब पुर्जा, टूटी ड्रिल मशीन, खराब मोबाइल या पुराना लैपटॉप दिखाई देता है। ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठता है कि वर्षों तक कमाई में साथ देने वाले इन सामानों को विश्वकर्मा पूजा में रखना चाहिए या इन्हें बाहर कर देना चाहिए।

उपयोगी पुराने औजारों को पूजा में रख सकते हैं

मान्यताओं के अनुसार, विश्वकर्मा पूजा अपने काम के साधनों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने का अवसर है। अगर कोई पुराना औजार या मशीन अभी भी उपयोग में आ सकती है, तो उसे अच्छी तरह साफ करके पूजा में शामिल किया जा सकता है। पुराने औजार कई लोगों के लिए मेहनत, अनुभव और सफलता की यादों से जुड़े होते हैं, इसलिए इन्हें सम्मान देना शुभ माना जाता है।

खराब और बेकार सामान हटाना बेहतर

वहीं, जो मशीनें या उपकरण पूरी तरह खराब हो चुके हैं और लंबे समय से किसी काम में नहीं आ रहे हैं, उन्हें पूजा स्थल पर रखने से बचना चाहिए। वास्तु मान्यताओं के अनुसार घर या कार्यस्थल पर बेकार, टूटे और अनुपयोगी सामान जमा रखने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है। इसलिए विश्वकर्मा पूजा से पहले ऐसे सामान को हटाकर जगह को साफ और व्यवस्थित करना बेहतर माना जाता है।

खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान का क्या करें?

आज के समय में मोबाइल, लैपटॉप, ड्रिल मशीन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी काम का हिस्सा बन चुके हैं। अगर कोई खराब उपकरण ठीक हो सकता है तो उसकी मरम्मत कराकर दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन अगर वह पूरी तरह बेकार हो चुका है तो उसे घर या दुकान में जमा करके रखने के बजाय ई-वेस्ट के नियमों के अनुसार निपटाना चाहिए।

पूजा से पहले इन बातों का रखें ध्यान

विश्वकर्मा पूजा के दिन मशीनों और औजारों को साफ करके फूल, अक्षत और रोली से पूजा की जाती है। कई व्यापारी अपनी फैक्टरी, दुकान और गैराज में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों को सजाते हैं। इसका उद्देश्य केवल धार्मिक परंपरा निभाना नहीं, बल्कि उन साधनों के प्रति सम्मान जताना भी है जिनसे रोजी-रोटी जुड़ी होती है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा में उन्हीं वस्तुओं को शामिल करना चाहिए जो जीवन और काम में सकारात्मक योगदान देती हैं। इसलिए पुराने लेकिन उपयोगी सामान को संभालकर रखें और पूरी तरह खराब या अनुपयोगी चीजों को हटाकर स्वच्छ वातावरण बनाएं। यही विश्वकर्मा पूजा का मुख्य संदेश भी माना जाता है।

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