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Chhati maiya aarti: छठ पूजा में जरूर पढ़ें छठी मईया की ये आरती

छठ महापर्व की शुरुआत आज से हो चुकी हैं मुख्य रूप से छठ का त्योहार इस साल 20 नवंबर को मनाया जाएगा। इस दिन कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि हैं छठ पूजा का पहला दिन कार्तिक शुक्ल चतुर्थी तिथि से शुरू होता हैं इस दिन नहाय खाय किया जाता हैं इस दिन
Chhati maiya aarti: छठ पूजा में जरूर पढ़ें छठी मईया की ये आरती

छठ महापर्व की शुरुआत आज से हो चुकी हैं मुख्य रूप से छठ का त्योहार इस साल 20 नवंबर को मनाया जाएगा। इस दिन कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि हैं छठ पूजा का पहला दिन कार्तिक शुक्ल चतुर्थी तिथि से शुरू होता हैं इस दिन नहाय खाय किया जाता हैं इस दिन स्नान होता हैं इस साल नहाय खाय बुधवार 18 नवंबर को हैं। Chhati maiya aarti: छठ पूजा में जरूर पढ़ें छठी मईया की ये आरतीछठ की पूजा करते समय छठ मईया की आरती करना बहुत ही जरूरी होता हैं यह उतना ही जरूरी माना जाता हैं जितना छठ व्रत। मान्यताओं के मुताबिक कोई भी पूजा आरती के बिना पूरी नहीं होती हैं साथ ही सफल भी नहीं मानी जाती हैं।Chhati maiya aarti: छठ पूजा में जरूर पढ़ें छठी मईया की ये आरती छठ पूजा व्रत सभी व्रतों में सबसे कठिन माना जाता हैं ऐसे में इस व्रत को पूरी तरह से सफल बनाने के लिए आरती करना जरूरी होता हैं तो आज हम आपके लिए लेकर आए हैं छठी मईया की आरती, तो आइए जानते हैं।Chhati maiya aarti: छठ पूजा में जरूर पढ़ें छठी मईया की ये आरती

यहां पढ़ें छठी मईया की आरती—

जय छठी मैया ऊ जे केरवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडराए।

मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए॥जय॥

ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय।

ऊ जे नारियर जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडराए॥जय॥

मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।

ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥जय॥

अमरुदवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडराए।

मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए॥जय॥

ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय।

शरीफवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडराए॥जय॥

मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।

ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥जय॥

ऊ जे सेववा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए।

मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए॥जय॥

ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय।

सभे फलवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडराए॥जय॥

मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।

ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥जय॥ Chhati maiya aarti: छठ पूजा में जरूर पढ़ें छठी मईया की ये आरती

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