भानु सप्तमी 2026: सूर्य देव की कृपा पाने का विशेष दिन, जानें पूजा-विधि, महत्व और शुभ फल
सनातन धर्म में भानु सप्तमी का विशेष महत्व माना जाता है। यह दिन भगवान सूर्य देव की आराधना को समर्पित होता है। मान्यता है कि भानु सप्तमी के दिन विधि-विधान से सूर्य उपासना करने पर व्यक्ति को आरोग्य, यश, ऊर्जा और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
जब शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि रविवार के दिन पड़ती है, तब उसे भानु सप्तमी कहा जाता है। इसे सूर्य आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
भानु सप्तमी का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य देव को प्रत्यक्ष देवता माना गया है, जिन्हें प्रतिदिन देखा जा सकता है। वे जीवन, प्रकाश, ऊर्जा और स्वास्थ्य के स्रोत हैं। भानु सप्तमी के दिन उनकी विशेष पूजा करने से जीवन में सकारात्मकता आती है और कई प्रकार की बाधाएं दूर होती हैं।
मान्यता है कि इस दिन सूर्य उपासना करने से आत्मबल बढ़ता है, रोगों से मुक्ति मिलती है और करियर तथा सामाजिक जीवन में सफलता प्राप्त होती है।
भानु सप्तमी पूजा-विधि
भानु सप्तमी के दिन श्रद्धालुओं को प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए। इसके बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करें।
पूजा के प्रमुख नियम:
- तांबे के पात्र में जल भरें।
- उसमें लाल पुष्प, अक्षत और रोली डालें।
- उगते सूर्य को जल अर्पित करें।
- सूर्य मंत्रों का जप करें।
- आदित्य हृदय स्तोत्र या सूर्य चालीसा का पाठ करें।
- जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या गुड़ का दान करें।
भानु सप्तमी पर करें इन मंत्रों का जाप
सूर्य उपासना के दौरान निम्न मंत्रों का जाप शुभ माना जाता है—
ॐ घृणि: सूर्याय नमः।
या
ॐ सूर्याय नमः।
इन मंत्रों का श्रद्धा और एकाग्रता के साथ जप करने से सूर्य देव की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है।
भानु सप्तमी के दिन क्या करें?
- सूर्य उदय से पहले स्नान करें।
- नियमित रूप से अर्घ्य दें।
- लाल रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है।
- गुड़, गेहूं और तांबे का दान करें।
- माता-पिता और बुजुर्गों का सम्मान करें।
क्या न करें?
- सूर्यास्त के बाद तामसिक भोजन से बचें।
- किसी का अपमान न करें।
- क्रोध और नकारात्मक विचारों से दूर रहें।
- पूजा के दिन असत्य बोलने से बचें।
भानु सप्तमी के लाभ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भानु सप्तमी पर सूर्य पूजा करने से—
- स्वास्थ्य में सुधार होता है।
- आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता बढ़ती है।
- मान-सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है।
- करियर और व्यवसाय में सफलता के योग मजबूत होते हैं।
- जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

